रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थी अब अपने परिजनों के साथ सड़कों पर उतर आए हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में डीएड अभ्यर्थी नया रायपुर स्थित स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के बंगले का घेराव किया। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर वहां से डीएड अभ्यर्थियों को खदेड़ दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग की हालिया समीक्षा बैठक से कोई फैसला नहीं निकलने के बाद गुस्साए अभ्यर्थी सीधे मंत्री के बंगले जा पहुंचे। अचानक उमड़ी भीड़ को देखकर पुलिस-प्रशासन आनन-फानन में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को बंगले के बाहर ही रोक दिया ।मंत्री जी से मिलने का आश्वासन मिलने के बाद अभ्यर्थी वापस लौटे।
वहीं, अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार नियुक्ति नहीं दे रही, सिर्फ बैठकों और फाइलों का खेल चल रहा है। वहीं, 24 दिसंबर से जारी आमरण अनशन से कई युवाओं की हालत बिगाड़ दी है। खुले आसमान के नीचे महिलाएं और छोटे बच्चे और उनके परिजन भी धरने पर डटे हैं। कई आंदोलनकारियों की तबियत बिगड़ गई है। ड्रिप चढ़ाई गई। लेकिन वे वहां से फिर सीधे धरना स्थल लौट आए। अभ्यर्थियों ने साफ चेतावनी दी है अगर किसी की जान गई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
आदेशों की अव्हेलना
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार हाईकोर्ट के आदेश की खुली अवहेलना कर रही है। उनका कहना है कि अदालत ने रिक्त पदों को दो महीने में भरने का निर्देश दिया था। लेकिन अब तक करीब 2300 पद खाली पड़े हैं। काउंसलिंग और पात्रता पूरी होने के बावजूद हजारों प्रशिक्षित युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शिक्षा मंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर सिर्फ एक मांग रखी है “हमें नियुक्ति पत्र चाहिए। हम घर से यह सोचकर निकले हैं कि या तो नौकरी लेकर लौटेंगे, या फिर उनकी लाश जाएगी।
जब तक भर्ती नहीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा
अभ्यर्थी दीपक चंद्रवंशी ने बताया कि वे सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, फिर भी सरकार नियुक्तियां निकालने में देरी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही सहायक शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं किया, तो वे प्रदेश स्तर पर और भी बड़ा आंदोलन करेंगे। जब तक भर्ती नहीं होगा तब तक आंदोलन किया जाएगा।
परिजनों के साथ सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे कई महीनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। परिजनों की मौजूदगी ने आंदोलन को और मजबूती दी है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। महिला प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है और कहा है कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रही थीं। महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके साथ किए गए व्यवहार से वे आहत हैं।
