16 से 25 साल के युवा आज नशे में पूरी तरीके से गिरफ्त, इसकी कार्यवाही के लिए एक ठोस पहल होना चाहिए; विकास उपाध्याय

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रायपुर। पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने बतया कि रायपुर सहित छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल आज रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला एवं ग्रामीण एसपी श्वेता सिन्हा से मुलाकात किये। उपाध्याय ने कहा कि बीजेपी सरकार के निर्देश पर पुलिस जिस प्रकार ई-चालान की कार्रवाई कर रही है और जिसके कारण आम जनता के ऊपर आर्थिक मानसिक बोझ पड़ रहा है हम उसकी पूरी तरीके से विरोध करते हैं। उपाध्याय ने कहा कि व्यवस्था सुधारना और व्यवस्था सुधारने के लिए काम करना ही पुलिस का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए ना कि चालानी कार्रवाई को उद्देश्य बनाकर ‘‘कि टारगेट के तहत हमें 5000 चालान करना ही है’’ यह न्याय संगत नहीं है।

राजधानी सहित छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है कि नशे के अनेकों प्रकार जिस प्रकार अन्य प्रदेशों से छत्तीसगढ़ में आ रहे हैं और कम उम्र 16 से 25 साल के युवा आज इसमें पूरी तरीके से गिरफ्त में है इसके लिए एक ठोस पहल होना चाहिए और लगातार छापे मार करवाई कर नशा बेचने वाले तक पहुंचकर यह पूरी तरीके से बंद होना चाहिए। विकास उपाध्याय ने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ा है। चाहे लूट हो, चोरी हो, मर्डर हो या फिर बलात्कार के मामले, हर तीन घंटे में एक महिला दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं। सिर्फ बलात्कार ही नहीं हत्या, लूट, अपहरण जैसे अपराधों के मामलों में भी रायपुर प्रदेश में सबसे आगे है। आंकड़ों के मुताबिक दुष्कर्म के मामले में रायपुर पहले पायदान पर है, जबकि बिलासपुर दूसरे और कोरबा तीसरे नंबर पर है। इन झकझोर देने वाले आंकड़ों का खुलासा राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्वयं विधानसभा सत्र के दौरान किया था। गृह मंत्री विजय शर्मा ने सदन में कहा था कि छत्तीसगढ़ में साल 2024 से 2025 के बीच हत्या के 1114 मामले, लूट के 458, अपहरण के 3644, चोरी के 7960, डकैती के 56 और बलात्कार के 3191 केस दर्ज किए गए हैं।

उपाध्याय ने सोशल न्यूज़ के आंकड़ों के अनुसार बताया कि प्रदेश की राजधानी रायपुर डकैती को छोड़कर हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार के मामलों में भी सबसे आगे है। यहाँ पिछले एक साल में हत्या के 93, लूट के 80, अपहरण के 515, चोरी के 1645, डकैती के 9 और बलात्कार के 268 केस दर्ज किए गए हैं। 2024 और 2025 में सिर्फ बलात्कार के आंकड़े सबसे ज्यादा चौकाने वाले हैं। प्रदेश में एक साल के भीतर बलात्कार के कुल 3191 केस दर्ज किए गए हैं। इस हिसाब से रोज प्रदेश में 8 से 9 महिलाएं हवस का शिकार बन रही हैं। इस तरह से छत्तीसगढ़ में हर 3 घंटे में एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना हो रही है। उपाध्याय ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का खौफ दिखना चाहिए और अपराधियों पर अंकुश लगना चाहिये जिससे शहर में निवासरत् आम जनता बेफिक्र रहे।