रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को धमतरी और कांकेर जिलों में अवैध प्लॉटिंग और अवैध कॉलोनी निर्माण का मुद्दा गरमा गया। प्रश्नकाल के पहले ही सवाल में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा विपक्ष के निशाने पर आ गए। मंत्री के जवाब को असंतोषजनक बताते हुए विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने प्रश्नकाल में सवाल उठाते हुए पूछा कि वर्ष 2024 से 31 जनवरी 2026 तक धमतरी और कांकेर में अवैध प्लॉटिंग को लेकर कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं और उन पर क्या कार्रवाई की गई। जवाब में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि धमतरी में 3 और कांकेर में 5 शिकायतें मिली हैं। कुल 175 खसरा नंबरों में से 8 की जांच की गई है और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जांच में तीन पटवारियों को दोषी पाया गया है, जिनका इंक्रीमेंट रोका गया है और कई अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अवैध प्लॉटिंग रोकने के लिए जिला स्तर पर समितियां बनाई जा रही हैं, जिनकी अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे और वे नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।
मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने कड़ा एतराज जताया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार अवैध कॉलोनी और प्लॉटिंग करने वालों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में अब तक कितनी अवैध कॉलोनियां बनीं, कितनों को नोटिस दिया गया और कितनों पर कार्रवाई हुई। बघेल ने मामले की विधानसभा समिति से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की।
इस दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी धमतरी और कांकेर में अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की समयसीमा पूछी, लेकिन मंत्री स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। सदन में तीखी बहस के बीच भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा, “जांच अमले से होगी या जुमले से?”
लगातार सवालों के बीच मंत्री वर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग का अमला जांच करने में सक्षम है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
