मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस ने ढाई साल बाद होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। हालांकि इसके पहले सत्ता का सेमीफाइनल अगले साल नगरीय निकाय चुनाव के रूप होना है। साथ में पंचायत चुनाव भी हैं, लेकिन ये चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते। बहरहाल, भावी चुनावों के मद्देनजर दोनो पार्टियों ने अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। भाजपा ने दीनदयाल प्रशिक्षण महाभियान नाम दिया है। भोपाल में आयोजित इस कार्यकर्ता प्रशिक्षण सत्र के तहत आरएसएस के मध्यप्रांत के 600 कार्यकर्ताओंको बाकायदा ट्रेनिंग दी। ये कार्यकर्ता मास्टर ट्रेनर कहलाएंगे और जिलों में जाकर प्रशि?क्षण देंगे। इस ट्रेनिंग में बाकायदा वक्ता भी तैयार किए जा रहे हैं। इस ट्रेनिंग सत्र में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तथा बीजेपी के प्रशिक्षण महाभियान पश्चिम-मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रभारी केसी पटेल सहित कई नेताओं ने विभिन्न आठ विषयों पर वक्तव्य दिए। जिनमें वैचारिक अधिष्ठान, संगठन की कार्य पद्धति, भाजपा का इतिहास और विकास, केन्द्र सरकार की योजनाएं,’कार्य विस्तार की हमारी दृष्टिÓ, प्रदेश सरकार की उपलब्धियां तथा बूथ प्रबंधन के के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही सोशल मीडिया, एआई, नमो एप और संगठन एप के उपयोग के बारे में भी बताया गया। मध्यभारत प्रांत के 25 जिलों से करीब 600 वक्ता प्रशिक्षण में शामिल हुए। ये सभी प्रतिभागी मंडल स्तर पर दिए जाने वाले प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर होंगे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पार्टी की विचारधारा और सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना है। उधर कांग्रेस ने भी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के उद्देश्य से जबलपुर ग्रामीण की चारों विधानसभाओं के लिए एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसमें सभी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और मंडलम प्रभारी मौजूद रहे। कार्यशाला के दौरान पार्टी के संविधान, विचारधारा, अनुशासन और एक सक्षम तथा प्रभावी नेतृत्व विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में आगामी 15-20 दिनों में पंचायत कांग्रेस कमेटियों के गठन की प्रक्रिया को पूरा करने और मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत उठाए जाने वाले मुद्दों और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना था। इसके पहले जनवरी में पचमढ़ी में संगठन सृजन अभियान के तहत विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था।। पार्टी नए प्रवक्ताओं की भर्ती के लिए टैलेंट हंट भी आयोजित कर रही है। इस अभियान के तहत 20 प्रवक्ता नियुक्त होंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने मीडिया को बताया कि इस अभियान के लिए प्रवक्ताओं, अनुसंधान समन्वयकों और प्रचार समन्वयकों की तलाश की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को जिला, मंडल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया जाएगा। जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए प्रमुख मानदंडों में कांग्रेस की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता और स्पष्ट वैचारिक समझ, समकालीन मुद्दों पर गहन अध्ययन और अनुसंधान क्षमता, प्रभावी संचार कौशल और वाक्पटुता, मीडिया प्रबंधन की समझ, तथ्यों को प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करने की क्षमता, और संगठनात्मक अनुशासन और जन चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता शामिल हैं। बदलते राजनीतिक परिदृश्य में, पार्टी को ऊर्जावान, वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध और अनुसंधान-उन्मुख सहयोगियों की आवश्यकता है, जो कांग्रेस की विचारधारा को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें। इसके अलावा जनता की नब्ज टटोलने और जमीनी मुद्दों को समझने के लिए पार्टी ‘जनमत संवादÓ अभियान शुरू करने जा रही है। इसके जरिए जिन मुद्दों को विपक्ष सदन से लेकर सड़क तक उठाना चाहता है, उनकी पहचान भी की जाएगी।
भाजपा, कांग्रेस में प्रशिक्षणों का दौर – अजय बोकिल
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