रात में ‘नीले जुगनुओं’ सा चमकता है समंदर! भारत की इन जगहों पर देख सकते हैं कुदरत का ये जादुई नजारा

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नई दिल्ली। रात के अंधेरे में नीली रोशनी से चमकता समंदर किसी जादू से कम नहीं लगता। विज्ञान की भाषा में इस प्राकृतिक घटना को बायोलुमिनेसेंस कहा जाता है। यह रोशनी समुद्र में मौजूद सूक्ष्म जीवों द्वारा होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण उत्पन्न होती है, जिससे समुद्र की लहरें नीले जुगनुओं की तरह चमकती नजर आती हैं। भारत में भी कई ऐसी जगहें हैं, जहां इस अद्भुत नजारे को देखा जा सकता है। अंडमान का राधानगर बीच बायोलुमिनेसेंस देखने के लिए सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक है। अमावस्या की रातों में यहां लहरों के साथ फैलती नीली रोशनी बेहद आकर्षक दिखाई देती है।

मट्टू बीच भी इस प्राकृतिक घटना के लिए जाना जाता है। मानसून के बाद यहां समुद्र की लहरों में नीली चमक देखी जा सकती है। कम भीड़ और प्राकृतिक अंधेरा इस नजारे को और भी खास बना देता है। इसके अलावा सेरेनिटी बीच के तटीय इलाकों में भी मानसून या भारी बारिश के बाद बायोलुमिनेसेंस देखने को मिल सकता है। समुद्र में फाइटोप्लैंकटन की संख्या बढ़ने पर पानी नीली रोशनी से जगमगाने लगता है।बंगाराम द्वीप भी इस खूबसूरत प्राकृतिक घटना को देखने के लिए बेहतरीन जगहों में शामिल है। यहां कम रोशनी और शांत वातावरण के कारण चमकती लहरों का नजारा और भी मनमोहक दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बायोलुमिनेसेंस पूरी तरह मौसम, पानी के तापमान और समुद्री परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए इसे देखने की योजना बनाने से पहले स्थानीय जानकारी जरूर हासिल कर लें।