सरकार अपनी विफलता छुपाने के लिए नए-नए उपाय ढूंढती है – सुशील आनंद शुक्ला

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रायपुर। साय मंत्रिमंडल के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार अपनी नाकामियां छुपाने नये उपाय ढूंढती है। नशे का कारोबार नहीं रोक पाना सरकार की विफलता है। अंततः सरकार ने मान लिया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद नशे का कारोबार फूल-फल रहा है इसीलिए सरकार को अब नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित करने की जरूरत महसूस हो रही है। पुलिस और आबकारी विभाग का भारी भरकम अमला नशे का कारोबार रोकने में असफल साबित हुआ है। यह सरकार अपनी अक्षमता छुपाने के लिए नये प्रयोग करती है, प्रदेश और राजधानी की कानून व्यवस्था सरकार से संभल नहीं पा रही थी तो राजधानी में पुलिस की कमिश्नरी प्रणाली लागू कर दिया, उसके बावजूद राजधानी में हत्या, चाकूबाजी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही। वहीं सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मंत्रिमंडल ने नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 भी पूरी तरह से कल्पनाओं पर आधारित है, इसमें भी राज्य के युवा उद्यमियों को प्राथमिकता देने की बात नहीं की गयी है, जबकि स्टार्टअप नीति में जो योजना बनाई जाए उसमें राज्य की प्रतिभा और राज्य के युवाओं को प्राथमिकता दी जानी थी। अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मंत्रिमंडल डिजिटल संरचना के विकास के नाम पर दूरस्थ क्षेत्रों में जो मोबाईल टॉवर लगाने का निर्णय लिया है यह पूरी तरह से पिछले दरवाजे से निजी मोबाईल कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश है। रमन सरकार ने भी बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाईल टॉवर लगाया था, बाद में उसका उपयोग जीयो ने किया। इस बार भी कुछ वही करने जा रहे। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति में भी ग्लोबल प्रतिस्पर्धा समाप्त करने की कोशिश की। इससे स्पष्ट हो रहा कि किसी निजी कंपनी के इशारे पर छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति बनाई गयी है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि धान खरीदी के अंतर राशि के बारे में भी मंत्रिमंडल ने कोई फैसला नहीं लिया मतलब किसानों को अपने पैसे के लिए इंतजार करना होगा।