पुल-पुलियों पर विधानसभा में घमासान, मंत्री बोले-ठेकेदार के भागने से अटका काम

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रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में कांकेर जिले की जर्जर पुल-पुलियों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस विधायक विक्रम उसेंडी ने कांकेर से भानुप्रतापपुर- पखांजूर जाने वाली सड़क पर जर्जर और संकरी पुल-पुलियों के निर्माण में देरी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कई पुल-पुलिया डैमेज हो चुके हैं, रेलिंग तक नहीं है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

प्रश्न के जवाब में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने माना कि यह क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क है और अब तक निर्माण पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार के काम छोड़कर चले जाने के कारण काम अधूरा रह गया। उन्होंने बताया कि कुल 134 पुल-पुलियों में से 114 का निर्माण हो चुका है, जबकि बाकी कार्य अनुबंधक द्वारा नहीं किए जाने के कारण अटका हुआ है और इस मामले में उच्च न्यायालय में मामला लंबित है।

मंत्री ने बताया कि 11 पुल-पुलिया संकरी हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए विभाग ने आवश्यक व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि एक पुल का निर्माण अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा, जबकि अन्य कार्य भी प्रक्रिया में हैं और सरकार जल्द निर्माण पूरा कराने का प्रयास कर रही है।

इस दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सवाल किया कि क्या अब तक किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई है। इस पर मंत्री ने कहा कि दुर्घटना की संभावना बनी रहती है, लेकिन विभाग को अब तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

हालांकि इस जवाब पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। सदन में कहा गया कि 77/2 सड़क पर कम से कम पांच दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 30 अप्रैल, 11 नवंबर और दिसंबर की घटनाएं शामिल हैं। विपक्ष ने इसे विभाग द्वारा गलत जानकारी देने का मामला बताया।

मामला गरमाने पर आसंदी ने निर्देश दिया कि यदि दुर्घटनाओं की जानकारी है तो उसे सदन के पटल पर रखा जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए।

मंत्री अरुण साव ने कहा कि पुलिस थाने से दुर्घटनाओं की आधिकारिक जानकारी नहीं आई है, लेकिन विधायक की बात को स्वीकार करते हुए सरकार इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण को जल्द पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।