टी-20 वर्ल्ड कप: भारत समेत 5 टीमें सुपर-8 में पहुंची, बाकी बचे 3 स्थानों के लिए 10 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला

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नई दिल्ली। टी20 विश्वकप 2026 में सुपर-8 में पहुंचने की जंग रोमांचक हो चली है। खिलाडियों के साथ फैंस को भी बेसब्री से अपनी निगाहें मैच में जमाये हुए है। हर ग्रुप में कांटे की टक्कर है और कोई भी हार मानने को तैयार नहीं है। हालांकि, पहले की तुलना में इस विश्वकप में ज्यादा उलटफेर देखने को नहीं मिले हैं, लेकिन फिर भी एक-दो कागज पर कमजोर दिखने वाली टीमों ने मजबूत खेल दिखाया है। आपको बता दें की भारत समेत अब तक कुल पांच टीमों ने सुपर-आठ के लिए क्वालिफाई कर लिया है, वहीं पांच टीमें रेस से बाहर हो चुकी हैं। अब सुपर-आठ में खाली तीन स्थान के लिए 10 टीमों के बीच टक्कर है।

ग्रुप ए से भारत ने लगातार तीन जीत के साथ सबसे पहले सुपर-8 का टिकट हासिल किया। पाकिस्तान पर 61 रन की बड़ी जीत ने टीम का आत्मविश्वास और मजबूत किया। अब इस ग्रुप से दूसरी टीम की दौड़ रोचक है। पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को अपने आखिरी मैच में नामीबिया से भिड़ना है। जीत उसे सीधे अगले दौर में पहुंचा देगी, लेकिन अगर पाकिस्तान हारता है, तो दो जीत के साथ खड़ी अमेरिका टीम बेहतर नेट रन रेट (NRR) के आधार पर आगे बढ़ सकती है।

वहीं ग्रुप बी में श्रीलंका टीम ने ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर सुपर-8 में एंट्री की। इस नतीजे ने ऑस्ट्रेलिया टीम को बाहर होने के कगार पर ला खड़ा किया। ऑस्ट्रेलिया तभी आगे बढ़ सकता है जब जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम अपने दोनों बचे मैच हार जाए और उसका नेट रन रेट भी ऑस्ट्रेलिया से खराब रहे। अगर जिम्बाब्वे एक भी मैच जीतता है, तो ऑस्ट्रेलिया की राह बंद हो जाएगी। इसके अलावा आयरलैंड टीम भी समीकरण में है। यदि आयरलैंड जिम्बाब्वे पर बड़ी जीत हासिल करता है, यानी 100 रन से या फिर 10 ओवर में मैच खत्म करके और चार अंक पर पहुंचता है, तो उसका नेट रन रेट ऑस्ट्रेलिया से बेहतर हो सकता है और टीम सुपर-8 में जा सकती है। इस स्थिति में आयरलैंड को मनाना होगा कि जिम्बाब्वे श्रीलंका से आखिरी ग्रुप मैच हार जाए। अगर जिम्बाब्वे श्रीलंका को हराता है तो श्रीलंका और जिम्बाब्वे का पहुंचना तय हो जाएगा।

ग्रुप सी में इंग्लैंड टीम ने इटली को 24 रन से हराकर टूर्नामेंट की तीसरी जीत दर्ज की और सुपर-8 में जगह बनाई। वेस्टइंडीज की टीम पहले ही तीन मैचों में तीन जीत के साथ अगले दौर में पहुंच चुकी थी। इस ग्रुप में अब बाकी टीमें सिर्फ सम्मान के लिए खेलेंगी।

ग्रुप डी में अफगानिस्तान टीम की यूएई पर जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका ने सुपर-8 में जगह बना ली। अब न्यूजीलैंड अगर कनाडा के खिलाफ अपना आखिरी ग्रुप मैच जीत लेता है, तो वह भी क्वालिफाई कर जाएगा।हालांकि एक चौंकाने वाला समीकरण भी है। अगर कनाडा जीत दर्ज करता है, तो अफगानिस्तान को कनाडा के खिलाफ बड़े अंतर से जीतकर नेट रन रेट के सहारे आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर-8 के लिए तीन जगहें अभी खाली हैं और 10 टीमें अभी भी रेस में बनी हुई हैं। तीन जगहों के लिए जंग बेहद रोमांचक है। कुछ टीमों की किस्मत उनके अपने प्रदर्शन पर निर्भर है (पाकिस्तान, न्यूजीलैंड), जबकि कुछ को दूसरे मैचों के नतीजों का इंतजार है (यूएसए, आयरलैंड, यूएई)। आने वाले मैच तय करेंगे कि सुपर-8 की तस्वीर क्या होगी और शायद कुछ और बड़े उलटफेर भी देखने को मिलें। आइए टीम-दर-टीम समझते हैं किसकी क्या स्थिति है: ये पांच टीमें सुपर-8 की दौड़ से बहार हो गई है। पांच टीमों का सफर ग्रुप स्टेज में ही थम गया। हालांकि, इनमें से कुछ टीमों, खासकर इटली और नेपाल ने अपने जज्बे से प्रभावित जरूर किया। सुपर-आठ की दौड़ अब और भी रोमांचक होने वाली है।

वहीं सुपर-8 में ग्रुप स्टेज से क्वालिफाई करने वाली आठ टीमें सुपर-8 चरण में खेलेंगी। यहां इन टीमों को चार-चार टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। हर टीम अपने ग्रुप में मौजूद बाकी तीन टीमों के खिलाफ तीन मैच खेलेगी। आईसीसी ने सुपर-8 के लिए पहले से सीडिंग सिस्टम तय कर रखा है। हालांकि, अगर कोई बड़ी या सीडेड टीम ग्रुप स्टेज में बाहर हो जाती है, तो उसे हराकर क्वालिफाई करने वाली टीम उसी स्लॉट में सुपर-8 खेलेगी। यानी जो कोड पुरानी टीम को दिया गया था, वह नहीं बदलेगा, बस टीम बदल जाएगी। उदाहरण के तौर पर आईसीसी को यकीन था कि ऑस्ट्रेलिया सुपर-8 में क्वालिफाई कर जाएगी और उसे X2 सीड दिया गया था। अब जब जिम्बाब्वे ने उलटफेर किया और उसका सुपर-8 में जाना तय और ऑस्ट्रेलिया का बाहर होना तय माना जा रहा है तो X2 सीड अब जिम्बाब्वे को दी जाएगी।