रायपुर। राजधानी रायपुर में नशे का फैलता जाल एक बार फिर सामने आया है। जहां इंटरनेट मीडिया पर सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग लेते युवकों के वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। इससे पहले भी ऐसे कई वीडियो सामने आ चुके हैं, जिससे शहर में नशे की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है। वायरल वीडियो में कुछ युवक मोबाइल फोन की मदद से ड्रग की लाइन बनाते और उसका सेवन करते स्पष्ट नजर आ रहे हैं। आपको बता दें की रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शहर को तीन जोनों- पश्चिमी जोन, मध्य जोन और उत्तरी जोन में विभाजित किया गया है। इन तीनों जोनों में कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए 3 डीसीपी, 3 एडीसीपी और 3 एसीपी की नियुक्ति की गई है। इसके बावजूद राजधानी में नशे के खिलाफ जंग अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। रायपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। लगभग रोजाना शहर के 21 थाना क्षेत्रों में से 2 से 3 थानों में नशे के कारोबार का पर्दाफाश किया जा रहा है। कहीं गांजा, कहीं ब्राउन शुगर, तो कहीं प्रतिबंधित नशीली दवाओं की तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। विगत 13 वर्षों से जनता से रिश्ता नशे के खिलाफ मुहीम चलाता आ रहा है। वही दूसरी तरफ रायपुर में नशे की पार्टियां भी हर वीकेंड चलती रहती है। पुलिस की इन कार्रवाइयों से यह संकेत जरूर मिलता है कि नशे के खिलाफ अभियान जारी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह भी है कि नशे का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो वायरल हुआ है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कृष्णकांत साहू नाम का युवक कथित तौर पर ड्रग्स का सेवन करते हुए नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो कोतवाली थाना क्षेत्र का है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है, क्योंकि कोतवाली थाना क्षेत्र पहले से ही अवैध गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र में मुकेश बनिया नामक एक हिस्ट्रीशीटर का नशे का कारोबार पहले से फैला हुआ है। अब उसी क्षेत्र से ड्रग्स सेवन का वीडियो सामने आना यह संकेत देता है कि पारंपरिक नशे के साथ-साथ ड्रग्स का कारोबार भी धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है। यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि युवाओं के भविष्य पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बावजूद कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह गहरवार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। न ही इस मामले में किसी तरह की वैधानिक कार्रवाई या प्रारंभिक जांच शुरू किए जाने की जानकारी मिली है। इससे आम जनता के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इतने संवेदनशील मामले में कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। कोतवाली थाने को लेकर पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि यहां कुछ एएसआई स्तर के अधिकारी अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। आरोप है कि कई मामलों में शिकायतें थाने तक पहुंचने के बावजूद उन्हें औपचारिक रूप से दर्ज करने के बजाय बाहर ही “सेटलमेंट” कर दिया जाता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बार-बार इस तरह की चर्चाएं सामने आना पुलिस की छवि पर सवाल जरूर खड़े करता है। एक ओर रायपुर क्राइम ब्रांच की टीमें नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं, तो दूसरी ओर ऐसे वायरल वीडियो यह दर्शाते हैं कि नशे के सौदागर और उपभोक्ता अभी भी बेखौफ हैं। यही वजह है कि अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो के मामले में रायपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच कब और क्या कार्रवाई करती है। यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस बार कोतवाली थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी या फिर आरोपों के अनुसार मामला किसी “सेटलमेंट” की भेंट चढ़ जाएगा। फिलहाल, वायरल वीडियो ने राजधानी में नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई की गंभीरता और चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
वहीं कोतवाली थाना रायपुर में पदस्थ एसआई प्रवीण कुमार प्रधान को लाईन अटैच कर दिया गया है। रायपुर पुलिस कमिश्नर ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की। रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान कार्य में गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से लाईन अटैच करने के निर्देश दिए गए।
