आज लगेगा चंद्र ग्रहण, जाने सूतक काल का समय, भारत में दिखने वाले स्थान

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नई दिल्ली | चंद्र ग्रहण आज 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. इस चंद्र ग्रहण की अवधि तकरीबन 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी. चंद्र ग्रहण का सूतक काल आज सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ हो गया है. आपको बता दें की 3 मार्च यानी आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह एक खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा, जो सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी भारत में मान्य होगा. यह चंद्र ग्रहण भारत के कई बड़े शहरों में दिखाई देने वाला है.

11:08 AM (5 मिनट पहले)
जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तो इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं. इस स्थिति में चंद्रमा का रंग तांबे या लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है.

10:45 AM (28 मिनट पहले)
आचार्य गौरव ने बताया कि यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, इसलिए इस राशि पर इसका सर्वाधिक प्रभाव होगा. लेकिन सिंह राशि के ठीक सामने 180 डिग्री पर कुंभ राशि भी है. यानी ग्रहण अगर सिंह राशि में लगा है तो उसका प्रभाव कुंभ राशि पर भी होगा. इसलिए इन दोनों ही राशि वालों को आज बहुत सावधान रहना होगा. आज किसी भी बड़ी डील के लिए आगे न बढ़ें. झगड़े या वाद-विवाद से बचें. वाहन सोच-समझकर चलाएं. पार्टनर के साथ तालमेल बनाकर चलें. ग्रहण समाप्त होने के बाद सभी राशियों के लोग स्नान करें. घर में गंगाजल का छिड़काव करें. भगवान और ईष्टदेवों को नमन करें.

10:22 AM (51 मिनट पहले)
3 मार्च यानी आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह एक खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा, जो सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी भारत में मान्य होगा.

10:09 AM (एक घंटा पहले)
ज्योतिषाचार्य पंडित संजय शर्मा ने बताया कि 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिट पर सूतक काल शुरू हो गया है. और अब शाम को 6 बजकर 46 मिनट पर ग्रहण के साथ ही सूतक समाप्त होगा. इस पूरी अवधि में होली से जुड़ी तैयारियां न करें. ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें. गंगाजल से घर को शुद्ध करें. इसके बाद ही होली पर खान-पान की तैयारी शुरू करें. उन्होंने बताया कि ग्रहण काल में लाई गई सामग्री से बना भोजन विष के समान होता है. यही कारण है कि घर में पहले से रखे हुए भोजन में भी तुलसी, दूर्वा या कुशा डाल दी जाती है. ताकि उसे ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचाया जा सके.

9:58 AM (एक घंटा पहले)
नासा के अनुसार, 3 मार्च की शाम चंद्र ग्रहण लगने वाला है. जिस वक्त चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया से ढका होगा, तब वो गहरे लाल रंग का दिखाई देगा. इसे ‘ब्लड मून’ कहते हैं. चंद्रमा लाल रंग का इसलिए दिखाई देता है, क्योंकि सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से होकर मुड़ जाती है. इस बार पूर्ण चंद्र ग्रहण का नजारा करीब 58 मिनट तक दिखाई देने वाला है. यह ईस्टर्न एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में दिखाई देगा. इसे देखने के लिए टेलीस्कोप की जरूरत भी नहीं है.

9:44 AM (एक घंटा पहले)
NASA के अनुसार, 3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल दिखाई देगा. 8 मार्च की रात को आकाश में शुक्र और शनि एक-दूसरे के बेहद करीब होंगे. इसके अलावा, 20 मार्च उत्तरी गोलार्ध में वसंत ऋतु का पहला दिन है.

9:29 AM (एक घंटा पहले)
अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और पश्मिच बंगाल में पूर्ण चंद्र ग्रहण का दृश्य दिखाई दे सकता है.

9:20 AM (एक घंटा पहले)
आज शाम देश में कई जगहों पर खंडग्रास चंद्र ग्रहण दिखाई दे सकता है. दिल्ली-एनसीआर सहित बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, पुड्डुचेरी, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लोग खंडग्रास चंद्र ग्रहण देख सकेंगे.

9:08 AM (2 घंटे पहले)
पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि यह चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा पर लग रहा है. शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन होलिका दहन भी किया जाता है. यदि आप 3 मार्च को होलिका दहन करना चाहते हैं तो ग्रहण समाप्त होने के बाद कर सकते हैं. आज शाम 6 बजकर 46 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा. तब न तो ग्रहण का प्रभाव रहेगा और न ही भद्रा का साया. इसके बाद 4 मार्च को आप निसंकोच रंग वाली होली खेल सकते हैं.

9:00 AM (2 घंटे पहले)
Mathura में होली की तैयारियों के बीच पड़ रहे चंद्र ग्रहण का असर धार्मिक आयोजनों पर साफ दिखाई देगा। ग्रहण के कारण ब्रज के अधिकांश प्रमुख मंदिरों में होली उत्सव स्थगित रहेगा और मंदिर सुबह से बंद रहेंगे।

8:56 AM (2 घंटे पहले)
पंडित शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, चंद्र ग्रहण में मंगल, राहु और केतु का संबंध बन रहा है. अग्नि का यह योग युद्ध और नुकसान के संकेत दे रहा है. देश-दुनिया में युद्ध जैसी स्थिति बनती दिख रही है. दुनियाभर में सत्ता परिवर्तन संभव है. बड़े पदों से लोगों को हटना पड़ सकता है. बेवजह विवाद बढ़ता दिखाई देगा.

8:44 AM (2 घंटे पहले)
3 मार्च को साल का पहला खंडग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है, जो सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा। यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा और इसका सूतक काल देश में मान्य है। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:46 बजे समाप्त होगा, जबकि सूतक काल सुबह 6:20 बजे से प्रभावी हो चुका।

8:39 AM (2 घंटे पहले)
ज्योतिषाचार्य पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि इस चंद्र ग्रहण में चंद्रमा और केतु साथ होंगे. चंद्रमा पर सूर्य, बुध और मंगल की दृष्टि भी रहेगी. उन्होंने बताया कि यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, जो कि अग्नि तत्व की राशि है. इस राशि में चंद्रमा-केतु की युति और मंगल-राहु का प्रभाव संकेत दे रहा है कि इस ग्रहण में अग्नि तत्व की प्रधानता रहेगी और देश-दुनिया में उपद्रव बढ़ेंगे.

8:25 AM (2 घंटे पहले)
बच्चे-बुजुर्ग, पीड़ित और गर्भवती महिलाओं के लिए सूतक देर से शुरू होता है. इसलिए सूतक के कठोर नियम इन लोगों पर लागू नहीं होंगे. ये लोग जरूरत के हिसाब से दिनभर खान-पान या दवा ले सकते हैं. इनका सूतक चंद्र ग्रहण समाप्त होने से साढ़े 3 घंटे पहले यानी आज दोपहर 3 बजकर 16 मिनट पर आरंभ होगा.

8:11 AM (3 घंटे पहले)
सूतक काल और चंद्र ग्रहण में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और रोगियों को विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जाती है. सूतक काल में भी इन लोगों को विशेष छूट मिलती है. ये लोग जरूरत पड़ने पर खान-पान कर सकते हैं. लेकिन घर से बाहर निकलने या कोई जोखिमभरा कार्य करने से बचें. खासतौर से नुकीली या धारदार चीजों का प्रयोग न करें. घर से बाहर किसी सुनसान जगह पर बिल्कुल न जाएं.

7:57 AM (3 घंटे पहले)
चंद्र ग्रहण आज शाम को भारत के कई बड़े शहरों में दिखाई देने वाला है. दिल्ली-एनसीआर सहित कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद, पटना, भुवनेश्वर, शिलॉन्ग, कोहिमा, गुवाहाटी, इम्फाल और ईटानगर में लोग चंद्र ग्रहण का नजारा देख पाएंगे.

7:56 AM (3 घंटे पहले)
साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत के अलावा एशिया में कई जगहों पर दिखाई दे सकता है. इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में भी यह चंद्र ग्रहण दिखाई देने वाला है. नॉर्थ-साउथ अमेरिका और प्रशांत महासागर के आस-पास भी ग्रहण का नजारा दिखाई देगा.