हिमाचल प्रदेश। भारी बारिश-बर्फबारी के बाद बुधवार को धूप खिली। शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा, किन्नाैर, सिरमाैर, कांगड़ा जिले के ऊपरी इलाकों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। मनाली में भारी बर्फबारी हुई है। वहीं शिमला शहर में भी रात को बर्फबारी हुई। पर्यटन स्थल कुफरी, खज्जियार, शिमला, नारकंडा, मनाली बर्फ से लद गए हैं। बर्फबारी से शिमला, कुल्लू, लाहौल स्पीति और चंबा समेत अन्य जिलों में करीब 500 सड़कें अभी भी बाधित हैं। बर्फ से ढके पहाड़ों का शानदार नजारा पर्यटकों को अपनी आकर्षित कर रहा है। बर्फ के दीदार के लिए बड़ी संख्या में सैलानी, शिमला, मनाली, खज्जियार पहुंचे हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज भी राज्य के उच्च पर्वतीय कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश-बर्फबारी होने का पूर्वानुमान जताया गया है। बर्फबारी से लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। राज्य में सैकड़ों सड़कें बाधित हैं। कई इलाकों में शीतलहर फिर तेज हो गई है।
पर्यटन स्थल खज्जियार में बिछी बर्फ की चादर
पर्यटन स्थल खज्जियार में बिछी बर्फ की सफेद चादर में बाहरी राज्यों से पहुंचे पर्यटकों ने जमकर अठखेलियां कीं। पर्यटक बर्फ में रोमांचित होकर खेलने समेत फिसलकर खूब मस्ती करते नजर आए। प्रकृति की गोद में स्थित पर्यटन स्थल खज्जियार में मुंबई, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात के पर्यटकों समेत स्थानीय लोग भी परिवार के साथ पहुंचकर बर्फ के दीदार करने पहुंचे। वहीं खज्जियार से लक्कडमंडी मार्ग पर फिसल होने के कारण वाहन चालकों को वाया चंबा होकर ही अब खज्जियार का रुख करना पड़ रहा है।
जिला कुल्लू व लाहौल घाटी में लगातार करीब 12 से 15 घंटे तक बारिश व बर्फबारी हुई है। मंगलवार दोपहर बाद से शुरू हुई बर्फबारी का दौर बुधवार सुबह थमा। इससे पर्यटकों व स्थानीय लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। दोनों जिले में सैकडों सड़कें व ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। हालांकि, पर्यटकों व लोगों ने धूप खिलने से राहत की सांस ली है।
वहीं बीआरओ, एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग ने मुख्य सड़कों से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। मनाली में 60 सेंमी ताजा बर्फबारी हुई है। इस कारण सुबह मनाली से वापस जाने वाले सैलानी नहीं निकल पाए हैं। सोलंगनाला में 90, अटल टनल 120, रोहतांग दर्रा 150, जलोड़ी दर्रा 60 व केलांग में 30 सेंमी बर्फ दर्ज की गई है।
सराज घाटी एक बार फिर सफेद बर्फ की चादर से ढक गई है। मंगलवार से शुरू हुई बर्फबारी बुधवार सुबह चार बजे तक जारी रही। बगस्याड, थुनाग, जंजैहली, छतरी, गाड़ागुशैण, थाची, बागाचनोगी और चिऊणी चेत जैसे क्षेत्र बर्फ से ढक गए हैं। इस बर्फबारी से सराज घाटी का सड़क संपर्क शेष दुनिया से कट गया है। तापमान माइनस में पहुंच गया, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ गया। हालांकि, यह बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए वरदान साबित हुई है। जमीन में नमी बनी रहेगी, जो फसलों के लिए फायदेमंद है। खासकर सेब बहुल इलाकों जैसे जंजैहली, बगस्याड और संगलवाड़ा में बागानों को चिलिंग आवर्स पूरे होने की संभावना बढ़ गई है, जो सेब उत्पादन के लिए आवश्यक है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया, हालांकि स्कूलों में पहले से विंटर वेकेशन चल रही है। कांढा में 12 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी के कारण चैल-जंजैहली मुख्य सड़क मार्ग बंद हो गया। पर्यटन नगरी जंजैहली में 15 सेंटीमीटर और थुनाग बाजार में 10 सेंटीमीटर बर्फ रिकॉर्ड की गई। अधिशासी अभियंता नीतीश शर्मा ने बताया कि कांढा में पहले से जेसीबी तैनात थी, जो बर्फ हटाने का काम शुरू कर चुकी है। बर्फबारी ने बिजली आपूर्ति पर भी असर डाला। 33 केवी गोहर लाइन बाधित होने से सराज उपमंडल के सभी 233 ट्रांसफार्मर बंद हो गए, जिससे इलाके में अंधेरा छा गया। एसडीएम संजीत शर्मा ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को भी भारी बर्फबारी की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी में मौसम के कड़े तेवरों ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। भारी बर्फबारी के चलते उपमंडल मुख्यालय किलाड़, साच, मिंधल, धरवास, फिंडरू, शौर और करयूनी में करीब दो फीट और ऊंचाई वाले क्षेत्र चस्क, सुराल, हुडान, कुमार, शुण और परमार भटौरी में पांच फीट के करीब बर्फबारी हुई है। कुलमिला कर पूरी पांगी घाटी में सफेद चादर में बिछ गई है। लोगों को घरों में दुबकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बर्फबारी के कारण पांगी का संपर्क शेष जिले से पूरी तरह कटा हुआ है।
जनजातीय क्षेत्र पांगी के मिंधल में डेढ़ फीट बर्फबारी के बीच ग्राम पंचायत मिंधल के सुखाई नाले में बीते शाम में हिमस्खलन होने से लोग खौफजदा हो गए। गनीमत रही कि हिमस्खलन के कारण किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। स्थानीय युवाओं ने सीटियां बजाकर अन्य लोगों को सचेत कर बड़ा नुकसान होने से बचाया। बताया जा रहा है कि ये सुखाई नाला मिंधल माता मंदिर से महज दस मीटर की दूरी पर स्थित है।
चुराह उपमंडल के ऊपरी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बाद घरों को महफूज करने के लिए ग्रामीण हाथों में बेलचे लेकर घरों की छतों से बर्फ हटाने के लिए परिवार सहित जुट गए हैं। समय रहते घरों की छतों से बर्फ हटाए जाने से मकानों की छत के गिरने का भय नहीं रहता है। क्षेत्र के कई हिस्सों में बर्फ की मोटी परत जम गई है। मंगलवार चुराह उपमंडल की ऊपरी क्षेत्र में इस महीने का दूसरा हिमपात हुआ। चाजू, चरड़ा, खजुआ, हिमगिरि, टेपा, देवीकोठी, मंगली, बैरागढ़ व आदि क्षेत्रों में मंगलवार देर रात तक पांच से 15 इंच तक हिमपात हुआ है। तीन दिन पहले हुई बर्फबारी के बाद भी सड़कें अभी तक नहीं खोली जा सकी हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ गई हैं। एक बार फिर बर्फबारी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
शिमला शहर में भी रात को हल्की बर्फबारी हुई। कुफरी, नारकंडा, चाैपाल, जुब्बल-कोटखाई, रामपुर, रोहड़ू के ऊंचाई वाले इलाके बर्फ से लद गए हैं। शिमला शहर की मालरोड, जाखू, संजाैली-ढली क्षेत्र में बर्फ की चादर बिछ गई। वहीं बर्फ के दीदार के लिए शहर में सैलानी लगातार पहुंच रहे हैं।
माैसम विभाग के अनुसार 1 फरवरी को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। वहीं ऊंचे इलाकों में भारी बारिश-बर्फबारी होने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 28, 30, 31 जनवरी और 3 फरवरी ऊंची पहाड़ियों पर कुछ जगहों पर हल्की बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। 2 फरवरी को राज्य में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी हो सकती है। 29 जनवरी को राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 3-4 दिनों के दौरान राज्य में न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की बहुत संभावना है। वहीं अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4-6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में 28 से 30 जनवरी तक सुबह और शाम के समय कोहरा पड़ने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर शीतलहर का अलर्ट भी है।