रायपुर समेत कई बड़े शहरों में हीट वेव का अलर्ट, भीषण गर्मी के चलते अस्पतालों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के मरीजों में वृद्धि

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रायपुर। राजधानी रायपुर में अप्रैल की शुरुआत से ही भीषण गर्मी और लू ( हीट वेव) का कहर शुरू हो गया है। जिससे तापमान 40-42°C के पार पहुंच गया है। भीषण गर्मी के चलते अस्पतालों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के मरीजों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। लोगों को धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। वहीं, राज्य के अधिकतर जिलों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान पहुंच चुका है। सबसे अधिक गर्मी राजनांदगांव जिले में है। जहां गुरुवार को पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा। रायपुर और अन्य जिलों में भी लू जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि, अगले 48 घंटों में गर्मी और तेज होगी। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, और महासमुंद सहित कई जिलों में तापमान 41 से 44 डिग्री के बीच हो सकता है। मध्याह्न में तेज़ धूप और लू चलने की आशंका है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गर्मी से बचाव है जरुरी

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ में गर्मी चरम पर रहेगी। हीटवेव का अलर्ट भी जारी है, लेकिन कुछ जिलों में हल्की बारिश से थोड़ी राहत मिल सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मगर लोगों को खुद भी सावधानी बरतनी चाहिए। धूप से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और जरुरत पड़ने पर ही बाहर जाएं।

अप्रैल में 45 डिग्री तक जा सकता है पारा

अप्रैल के पहले हफ्ते में ही आसमान से शोले बरसने लगे हैं। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में लू जैसे हालात बने हुए है। मौसम विभाग के अनुसार अगर अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री ज्यादा है तो इसे सीवियर यानी गंभीर लू मानी जाती है। रात का तापमान भी 29.3 डिग्री पर पहुंच गई है। यानी दिन के साथ रात भी काफी गर्म है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान बढ़ने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में गर्मी सर्वाधिक तापमान 45 डिग्री तक जाने के संभावना है।

हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट और ओआरएस कॉर्नर बनाने के निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारी मिथिलेश चौधरी ने बताया कि भीषण गर्मी और हीट वेव के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में हाई अलर्ट जारी किया है। जिला अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट और ओआरएस कॉर्नर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ने आम नागरिक को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी, ओआरएस, लस्सी और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।

हीट स्ट्रोक (लू) के लक्षण और प्राथमिक उपचार:

लक्षण: तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, बहुत ज्यादा कमजोरी और त्वचा का सूखा होना।
उपचार: पीड़ित को तुरंत छायादार जगह पर लाएं, शरीर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें, और उसे पानी या ओआरएस पिलाएं।
मेडिकल सहायता: लक्षण गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।

अस्पतालों को निर्देश

सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए डेडिकेटेड बेड, दवाएं और वेंटिलेशन (पंखे/कूलर) सुनिश्चित करने को कहा गया है। अस्पतालों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति और आपातकालीन स्थिति के लिए तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।