सहारनपुर | सहारनपुर के सरसावा थाना इलाके की कौशिक विहार कॉलोनी में सोमवार की रात को दिल दहला देने वाली वारदात हुई। संग्रह अमीन अशोक राठी (40) मां विद्यावती (70), पत्नी अंजिता (35), बेटे कार्तिक (16) और देव (13) के शव एक ही कमरे में पड़े मिले। पुलिस की जांच में सामने आया कि रात में अशोक ने परिवार के सदस्यों को गोली मारकर खुद भी गोली मार ली। वह काफी समय से अवसाद में था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मां-पत्नी और दोनों बेटों के सिर के अलावा सीने में गोली लगने की पुष्टि हुई है। अशोक के सीने और कनपटी में गोली लगी है।
पुलिस ने बताया कि अशोक राठी नकुड़ तहसील में संग्रह अमीन के पद पर तैनात थे। मूलरूप से नकुड़ के गांव खारीबांस निवासी अशोक राठी करीब दो साल से सरसावा में परिवार के साथ रह रहे थे। पहले सरसावा की टीचर कॉलोनी में रहते थे।
सावन विहार कॉलोनी में रहती है बहन
बाद में कौशिक विहार कॉलोनी में अपने गांव के ही मांगेराम का मकान किराये पर लिया। वे ऊपर वाले तल में रहते थे, जबकि नीचे वाला हिस्सा खाली था। अशोक राठी की बहन पिंकेश सावन विहार कॉलोनी में रहती है।
बाद में कौशिक विहार कॉलोनी में अपने गांव के ही मांगेराम का मकान किराये पर लिया। वे ऊपर वाले तल में रहते थे, जबकि नीचे वाला हिस्सा खाली था। अशोक राठी की बहन पिंकेश सावन विहार कॉलोनी में रहती है।
रसोई की खिड़की तोड़कर खोला दरवाजा
मंगलवार सुबह पिंकेश ने अशोक के मोबाइल पर फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद पिंकेश ने अपने बेटे प्रीत को भाई के घर भेजा। प्रीत को मामा के घर का दरवाजा बंद मिला। इसके बाद प्रीत ने अपने पिता जयवीर को सूचना दी। दोनों ने सीढ़ी लगाकर अंदर प्रवेश किया और रसोई की खिड़की तोड़कर दरवाजा खोला।
मंगलवार सुबह पिंकेश ने अशोक के मोबाइल पर फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद पिंकेश ने अपने बेटे प्रीत को भाई के घर भेजा। प्रीत को मामा के घर का दरवाजा बंद मिला। इसके बाद प्रीत ने अपने पिता जयवीर को सूचना दी। दोनों ने सीढ़ी लगाकर अंदर प्रवेश किया और रसोई की खिड़की तोड़कर दरवाजा खोला।
बिस्तर में पड़े थे सभी के शव
अंदर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सभी के शव बिस्तर में पड़े थे। अशोक राठी के सीने और कनपटी में गोली लगी थी, जबकि बाकी के माथे पर सटाकर गोली लगने के निशान थे।
अंदर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सभी के शव बिस्तर में पड़े थे। अशोक राठी के सीने और कनपटी में गोली लगी थी, जबकि बाकी के माथे पर सटाकर गोली लगने के निशान थे।
अशोक राठी के पास से तीन देसी पिस्टल मिली
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने में भी गोली लगने की पुष्टि हुई है। अशोक राठी के पास से तीन देसी पिस्टल मिली हैं। मौके पर आठ से दस कारतूस के खोखे मिले हैं। डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम मनीष बंसल, एसएसपी आशीष तिवारी ने जांच की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने में भी गोली लगने की पुष्टि हुई है। अशोक राठी के पास से तीन देसी पिस्टल मिली हैं। मौके पर आठ से दस कारतूस के खोखे मिले हैं। डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम मनीष बंसल, एसएसपी आशीष तिवारी ने जांच की।
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि अशोक कई दिनों से अवसाद में था
गांव में रहने को लेकर भी था विवाद
पुलिस की जांच में यह भी आया है कि अशोक और उसकी मां गांव के मकान में रहना चाहते थे, जबकि पत्नी और बच्चे सरसावा में बनाए नए मकान में रहना चाहते थे। एक फरवरी को नए मकान में शिफ्टिंग की तैयारी चल रही थी। परिवार में इसे लेकर विवाद था। अशोक के पिता सुरेंद्र तहसील में संग्रह अमीन थे। सुरेंद्र के निधन के बाद वह मृतक आश्रित कोटे में नौकरी में लगे थे।
गांव में रहने को लेकर भी था विवाद
पुलिस की जांच में यह भी आया है कि अशोक और उसकी मां गांव के मकान में रहना चाहते थे, जबकि पत्नी और बच्चे सरसावा में बनाए नए मकान में रहना चाहते थे। एक फरवरी को नए मकान में शिफ्टिंग की तैयारी चल रही थी। परिवार में इसे लेकर विवाद था। अशोक के पिता सुरेंद्र तहसील में संग्रह अमीन थे। सुरेंद्र के निधन के बाद वह मृतक आश्रित कोटे में नौकरी में लगे थे।
अशोक का अवसाद का चल रहा था इलाज, पिछले साल चंडीगढ़ पीजीआई में एक माह तक भर्ती था
पुलिस का कहना है कि अशोक राठी पिछले कई साल से अवसाद में था। उसका इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा था। पिछले साल एक माह तक वह पीजीआई में भर्ती था। प्रथम दृष्टया यह बात भी सामने आ रही है कि अशोक ने मां, पत्नी और दोनों बेटों को नशीला पदार्थ खिलाया। इसके बाद उन्हें गोली मार दी।
पुलिस का कहना है कि अशोक राठी पिछले कई साल से अवसाद में था। उसका इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा था। पिछले साल एक माह तक वह पीजीआई में भर्ती था। प्रथम दृष्टया यह बात भी सामने आ रही है कि अशोक ने मां, पत्नी और दोनों बेटों को नशीला पदार्थ खिलाया। इसके बाद उन्हें गोली मार दी।
बहनों को भेजा मेसेज-मैं मजबूर हूं…
पुलिस की जांच में सामने आया कि अशोक ने गोली मारने से पहले अपनी बहन पिंकेश और मोना को व्हाट्सएप पर ऑडियो मेसेज भेजे थे। इसमें वह कह रहा है कि मैं मजबूर था। अगर मैं अकेला मरता तो इन्हें कौन संभालता। इसमें किसी की कोई गलती नहीं।
पुलिस की जांच में सामने आया कि अशोक ने गोली मारने से पहले अपनी बहन पिंकेश और मोना को व्हाट्सएप पर ऑडियो मेसेज भेजे थे। इसमें वह कह रहा है कि मैं मजबूर था। अगर मैं अकेला मरता तो इन्हें कौन संभालता। इसमें किसी की कोई गलती नहीं।
जांच में सामने आया है कि अशोक ने पहले परिवार के सदस्यों को गोली मारी। इसके बाद खुद गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिवार के सदस्यों को एक-एक गोली माथे में और सीने में भी गोली मारी थी। घटनाक्रम की कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है। अवसाद ही इसका कारण माना जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है। अभिषेक सिंह, डीआईजी
अशोक की मेडिकल हिस्ट्री देखी जा रही है। उसके मोबाइल में कुछ ऑडियो मैसेज मिले हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अशोक ने सभी की हत्या की फिर खुद आत्महत्या कर ली। आशीष तिवारी, एसएसपी
जिले को किसकी लगी नजर, 53 दिन में चौथी बड़ी घटना
सहारनपुर जिले में बीते 53 दिनों के अंदर एक के बाद एक हुई चार बड़ी घटनाओं ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। कभी सड़क हादसों में हंसते-खेलते परिवार उजड़े तो कभी मानसिक अवसाद ने पूरे परिवार को लील लिया।
सहारनपुर जिले में बीते 53 दिनों के अंदर एक के बाद एक हुई चार बड़ी घटनाओं ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। कभी सड़क हादसों में हंसते-खेलते परिवार उजड़े तो कभी मानसिक अवसाद ने पूरे परिवार को लील लिया।
पल भर में उजड़ रहे हंसते-खेलते परिवार, अवसाद ने पूरे परिवार को लिया लील
सरसावा में हुई यह चौथी घटना है। लोगों की जुबां पर बस एक ही सवाल है कि आखिर जिले को किसी नजर लग गई। 19 जिंदगियां खत्म हो गई। इसमें बच्चे भी शामिल हैं।
सरसावा में हुई यह चौथी घटना है। लोगों की जुबां पर बस एक ही सवाल है कि आखिर जिले को किसी नजर लग गई। 19 जिंदगियां खत्म हो गई। इसमें बच्चे भी शामिल हैं।
कार पर पलटा था बजरी से भरा डंपर, हुई थी सात मौत
28 नवंबर 2025 को गागलहेड़ी में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अंडरपास में बजरी से भरा डंपर कार पर पलट गया था। इसमें कार सवार संदीप, उनकी मां रानी, बहन जूली, जीजा शेखर, भांजे अनिरुद्ध और मौसी के बेटे विपिन की मौके पर ही मौत हो गई थी। सभी एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में
शामिल होने जा रहे थे। सोना सैयद माजरा से निकलते ही मौत ने झपट्टा मारा था।
28 नवंबर 2025 को गागलहेड़ी में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अंडरपास में बजरी से भरा डंपर कार पर पलट गया था। इसमें कार सवार संदीप, उनकी मां रानी, बहन जूली, जीजा शेखर, भांजे अनिरुद्ध और मौसी के बेटे विपिन की मौके पर ही मौत हो गई थी। सभी एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में
शामिल होने जा रहे थे। सोना सैयद माजरा से निकलते ही मौत ने झपट्टा मारा था।
संग्रह अमीन ने मां, पत्नी व बेटों को मारा, खुद को भी मारी गोली
सरसावा की कौशिक विहार कॉलोनी में संग्रह अमीन अशोक ने पहले मां विद्यावती, पत्नी अंजिता, बेटे कार्तिक व देव को गोली मारी। इसके बाद खुद भी गोली मार ली। पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। अशोक किराए के मकान में रह रहे थे। घटनास्थल से पुलिस को तीन तमंचे और आठ से दस खोखे बरामद किए।
सरसावा की कौशिक विहार कॉलोनी में संग्रह अमीन अशोक ने पहले मां विद्यावती, पत्नी अंजिता, बेटे कार्तिक व देव को गोली मारी। इसके बाद खुद भी गोली मार ली। पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। अशोक किराए के मकान में रह रहे थे। घटनास्थल से पुलिस को तीन तमंचे और आठ से दस खोखे बरामद किए।
पेड़ से टकराई थी कार, चार की हुई थी मौत
27 दिसंबर 2025 को बेहट थाना क्षेत्र में शाकंभरी देवी रोड पर फतेहपुर कलां के पास तेज रफ्तार सड़क किनारे पेड़ से टकराई थी। इसमें चिलकाना के गांव तिडफवा निवासी विजय, उसके भाई डॉ. मनीष, उनके मौसा जितेंद्र व सोनू की मौत हो गई थी। यह सभी बेहट से सहारनपुर की तरफ लौट रहे थे। मौके पर चारों ने दम तोड़ दिया था।
27 दिसंबर 2025 को बेहट थाना क्षेत्र में शाकंभरी देवी रोड पर फतेहपुर कलां के पास तेज रफ्तार सड़क किनारे पेड़ से टकराई थी। इसमें चिलकाना के गांव तिडफवा निवासी विजय, उसके भाई डॉ. मनीष, उनके मौसा जितेंद्र व सोनू की मौत हो गई थी। यह सभी बेहट से सहारनपुर की तरफ लौट रहे थे। मौके पर चारों ने दम तोड़ दिया था।
