सोने-चांदी की कीमतों में उछाल: सोने-चांदी ने तोड़े रिकॉर्ड, 30 दिन में सोना 24% चढ़ा, चांदी 62% मजबूत; जानिए क्या कहते है एक्सपर्ट्स

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मजबूत डॉलर और मुनाफावसूली के दबाव में वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई. हालांकि इसके बावजूद सोना 1980 के बाद अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है. भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीदारी कर रहे हैं.

रॉयटर्स के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में स्पॉट सोना 0.9 फीसदी गिरकर 5,346.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. इससे पहले सोने में 4.6 फीसदी तक की गिरावट आई थी और यह 5,149.99 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया था. बाद में इसमें रिकवरी देखने को मिली. एक दिन पहले सोना 5,594.82 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था.

जनवरी महीने में अब तक सोने की कीमतों में 24 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है. यह लगातार छठा महीना है जब सोना बढ़त की ओर है. फरवरी डिलीवरी के लिए अमेरिकी सोने का वायदा 1.3 फीसदी बढ़क

चांदी की कीमतें

ग्लोबल मार्केट में स्पॉट चांदी 0.2 फीसदी गिरकर 115.83 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. इससे पहले चांदी 6.6 फीसदी तक टूटकर 108.84 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी. हाल ही में चांदी 121.64 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर भी पहुंची थी. इस महीने अब तक चांदी में करीब 62 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. यह अब तक का इसका सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन माना जा रहा है.

बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को संकेत दिया कि आने वाले समय में एक और युद्ध की संभावना बन सकती है. इसे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से जोड़ा जा रहा है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अब तक आठ युद्ध सुलझाए हैं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाली स्थिति को भी जल्द संभाल लिया जाएगा.

आगे सोना कहां जा सकता है

विश्लेषकों को सोने में आगे भी तेजी की उम्मीद है. UBS ने मार्च, जून और सितंबर 2026 के लिए सोने का लक्ष्य बढ़ाकर 6,200 डॉलर प्रति औंस कर दिया है, जो पहले 5,000 डॉलर था.

सोसाइटी जेनरल का अनुमान है कि साल के अंत तक सोना 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है. वहीं मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि अगर तेजी का माहौल बना रहा, तो सोना 5,700 डॉलर प्रति औंस तक भी जा सकता है.