दिनभर की बिजी लाइफ स्टाइल के कारन आज के समय में लोगों को अपने लिए और अपने बॉडी के लिए टाइम निकलना थोड़ा मुश्किल हो चूका है। लेट नाईट घर आकर सोना सुबह लेट उठना ये सब आपके शरीर को अंदर के सुस्त बना देता है। ऐसे में अपने शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने का मतलब है शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत का ख्याल रखना। हालांकि पिछले कुछ समय से बिगड़ी लाइफस्टाइल और खान-पान ने इन दोनों परिस्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। विशेषकर सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी कि जीवनशैली की निष्क्रियता ने तमाम तरह की बीमारियों के जोखिम को बढ़ा दिया है। यही कारण है कि कम उम्र के लोगों में भी कई तरह की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। यह शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में लाभकारी माना जाता है।
तो आपके लिए कुछ ऐसे योगासन है जिन्हे आप घर पर ही ट्राय कर सकते है –
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित कई तरह की समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए अनुलोम-विलोम प्राणायाम के अभ्यास को विशेषज्ञ बेहद फायदेमंद मानते हैं। सांस के इस अभ्यास को इसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर कई तरह के प्रभावों के लिए जाना जाता है। इस योग का अभ्यास धैर्य, ध्यान और नियंत्रण को बढ़ाने के साथ तनाव और चिंता से राहत दिलाने में मददगार है। मस्तिष्क, श्वसन और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए इसके नियमित अभ्यास की आदत बनाएं।
गहरी सांस वाले अभ्यास की बनाएं आदत:
गहरी सांस वाले अभ्यास की आदत काफी आसान है और इसे सभी उम्र वाले लोग सरलता से करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। विशेषतौर पर मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए गहरी सांस वाले अभ्यास की आदत को काफी फायदेमंद माना जाता है। चिंता और तनाव के प्रबंधन से लेकर ध्यान केंद्रित करने और बेहतर नींद प्राप्त करने के लिए इस योग को काफी फायदेमंद माना जाता है। हृदय और फेफड़े की क्षमता भी इस अभ्यास से बढ़ती है।
वृक्षासन का अभ्यास:
वृक्षासन या ट्री पोज़ पूरे शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने वाला कारगर योगसन है। शरीर के संतुलन में सुधार करने के साथ शारीरिक मुद्रा को ठीक रखने, आपके कमर, जांघों, कूल्हों की मांसपेशियों में रक्त के संचार को बढ़ाने और दर्द से राहत दिलाने में इसका अभ्यास फायदेमंद माना जाता है। वृक्षासन का अभ्यास आपके कोर को मजबूत करने के साथ पैरों और जांघों की समस्याओं को कम करने के लिए फायदेमंद माना जाता है।
