17 मार्च को कांग्रेस का विधानसभा घेराव, वोरा बोले – भाजपा सरकार को नींद से उठाने का समय आ गया है

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रायपुर। राजधानी रायपुर में 17 मार्च को राजनीतिक हलचल तेज होने वाली है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ विधानसभा घेराव का ऐलान किया है, जिसमें प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ता राजधानी पहुंचेंगे। मनरेगा बचाओ संग्राम, बढ़ती महंगाई, किसानों के मुद्दे, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे जनहित के विषयों को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

इसी क्रम में रायपुर शहर के प्रभारी के रूप में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व मंत्री और दुर्ग के पूर्व विधायक अरुण वोरा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वोरा लगातार रायपुर में बैठकों के जरिए संगठन को सक्रिय कर विधानसभा घेराव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने 14 तारीख को रायपुर के संत माता कर्मा ब्लॉक में कुमार मेनन की अध्यक्षता और पंकज शर्मा की उपस्थिति में बैठक लेकर कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया।

“भाजपा सरकार को नींद से जगाने का समय आ गया है” — अरुण वोरा

17 मार्च का विधानसभा घेराव पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण वोरा ने कहा कि-
“प्रदेशभर से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और भाजपा सरकार को उसकी जिम्मेदारियों का अहसास कराएंगे। 2023 में सत्ता संभालने के बाद से प्रदेश की भाजपा सरकार लगभग हर मुद्दे पर विफल रही है। किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।

मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों को लेकर अरुण वोरा ने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए, कहा कि-
मनरेगा ने गांवों में रोजगार की वैधानिक गारंटी दी, पलायन को रोका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी। लेकिन आज केंद्र की भाजपा सरकार इस अधिकार आधारित कानून को धीरे-धीरे कमजोर करके मजदूर को फिर से दया और कृपा पर निर्भर बनाना चाहती है।“आज देश के कई राज्यों में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी महीनों तक अटकी रहती है,मनरेगा के बजट में लगातार कटौती की जा रही है। पहले गांव की पंचायतें स्थानीय जरूरतों के हिसाब से काम तय करती थीं। लेकिन अब केंद्र सरकार फैसले केंद्रीकृत करके पंचायतों की भूमिका को कमजोर कर रही है।पहले इस योजना में वित्तीय जिम्मेदारी का बड़ा हिस्सा केंद्र के पास था, लेकिन अब उसे घटाकर राज्यों पर बोझ डाला जा रहा है। जीएसटी व्यवस्था के बाद राज्यों के आर्थिक अधिकार पहले ही सीमित हो चुके हैं। ऐसे में यह निर्णय संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है।”

वोरा ने आगे कहा कि—
“कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि मजदूरों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी पार्टी इस मुद्दे पर पहले भी संघर्षरत थी, आज भी है और आगे भी पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।”

इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ-साथ पूर्व मंत्री, विधायक, संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी आंदोलन में भाग लेंगे।

कांग्रेस के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है.