- प्रोजेक्ट अजा के तहत कर रही है बकरी पालन
रायपुर । जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम पंचायत कोसरंगी की चंपा माडले ने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। कभी एक साधारण गृहणी के रूप में जीवन व्यतीत करने वाली चंपा माडले आज “लखपति दीदी” के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।
चंपा माडले बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें अपने जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिला। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट अजा” के तहत उन्होंने बकरी पालन का व्यवसाय शुरू किया। जिला प्रशासन द्वारा उन्हें 10 बकरियां और 2 बकरे उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत की।
बकरी पालन के साथ-साथ चंपा माडले ने देसी मुर्गी पालन भी शुरू किया है, जिससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। इस व्यवसाय से उन्हें न केवल आर्थिक लाभ मिल रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी मिला है। चंपा माडले बताती हैं कि आज वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
चंपा माडले अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं को देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त करती हैं। उनका कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने और स्वावलंबी बनने का अवसर मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत “प्रोजेक्ट अजा” के माध्यम से पशु सखी कैडर का गठन किया गया है। पशु सखियों द्वारा ग्रामीण पशुपालकों को पशु प्रबंधन, टीकाकरण, नस्ल सुधार तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षित महिला पैरावेट दल आधुनिक तकनीकों के उपयोग से बकरी पालन को बढ़ावा दे रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए पशुपालन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
