रायपुर । भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 के अवसर पर राजधानी रायपुर में इन दिनों धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की भव्य श्रृंखला जारी है। महोत्सव समिति, समता युवा संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से आयोजित ये कार्यक्रम शहर में उत्सव का विशेष माहौल बना रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इन आयोजनों में भाग लेकर आस्था और सेवा से जुड़ रहे हैं।
सेवा का संकल्प: 15 दिवसीय रक्तदान शिविर
महोत्सव के अंतर्गत 16 मार्च से 30 मार्च 2026 तक 15 दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह 7:30 से 10:30 बजे तक शहर के अलग-अलग स्थानों पर यह शिविर आयोजित हो रहा है। जैन मंदिरों और सामुदायिक भवनों में लगाए जा रहे इन शिविरों में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा है। विभिन्न ब्लड बैंकों और अस्पतालों के सहयोग से यह अभियान जरूरतमंदों के लिए जीवनदायिनी पहल बन गया है।
प्रभात फेरी से जन-जन तक महावीर संदेश
समता युवा संघ द्वारा प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे “महावीर संदेश यात्रा” निकाली जा रही है। यह प्रभात फेरी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए अहिंसा, सत्य और संयम का संदेश फैलाती है। इसमें युवाओं के साथ-साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं, जिससे धार्मिक जागरूकता का वातावरण मजबूत हो रहा है।
आस्था का केंद्र: 251 आयंबिल 22 को
22 मार्च को हरिस्मृति आराधना भवन, विमलनाथ मंदिर परिसर में 251 आयंबिल का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर साधना की और भगवान महावीर के सिद्धांतों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
बच्चों में संस्कृति का संचार
इसी दिन “महावीरास लिल निर्वाणास 2.0” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खेल, लकी ड्रॉ, स्टॉल और मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को संस्कृति और धर्म से जोड़ने का प्रयास किया गया।
महिला सशक्तिकरण की पहल: जैन ट्रेड फेयर
23 से 25 मार्च तक “सपनों की उड़ान” जैन ट्रेड फेयर का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में 100 से अधिक जैन महिला उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री हो रही है। यह आयोजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके व्यवसाय को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ग्रैंड तंबोला
26 मार्च को आयोजित होने वाला ग्रैंड तंबोला कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसमें विभिन्न आकर्षक उपहार रखे गए हैं, जिससे लोगों में उत्साह बना हुआ है और सामुदायिक जुड़ाव मजबूत हो रहा है।
भक्ति और उत्सव का रंग: रास गरबा
27 मार्च को “भक्ति के रंग, वीर के संग” रास गरबा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। पारंपरिक वेशभूषा में होने वाला यह आयोजन भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।
रचनात्मकता को मंच: वॉल प्रतियोगिता
28 मार्च को महावीर विचार वॉल प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागी सैंड आर्ट, रंगोली, पेंटिंग और अन्य कला माध्यमों के जरिए अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। यह प्रतियोगिता युवाओं की रचनात्मकता को मंच प्रदान करेगी।
सामाजिक सरोकार: प्रमाण पत्र एवं आयुष्मान शिविर
जैन एडवोकेट्स ग्रुप द्वारा 28 से 30 मार्च तक तीन दिवसीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र और आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल जरूरतमंदों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है।
भक्ति संगीत की संध्या
28 मार्च को “द सोलफुल नाइट” भक्ति संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध गायक दर्शन चोपड़ा अपनी प्रस्तुति देंगे। यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से जोड़ने का एक विशेष अवसर होगा।
1008 एकासना का आयोजन
महोत्सव समिति द्वारा पहली बार 29 मार्च 2026, रविवार को दोपहर 12 बजे से 1008 एकासना का विशाल आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन श्री जिनकुशल सूरी जैन दादाबाड़ी तीर्थ, एम.जी. रोड, रायपुर में होगा।
इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक समय भोजन का नियम अपनाकर साधना करेंगे। आयोजन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 26 मार्च शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। यह आयोजन स्व. वीरचंद जी की स्मृति में सरोज देवी जी की प्रेरणा से विभिन्न परिवारों के सहयोग से किया जा रहा है।
महावीर जीवन पर आधारित जीवंत प्रस्तुति
29 मार्च की रात 8 बजे से दादाबाड़ी तीर्थ में “वर्धमान से निर्वाण की अमर गाथा” कार्यक्रम आयोजित होगा। यह भगवान महावीर स्वामी के जीवन पर आधारित एक जीवंत झांकी होगी, जिसमें च्यवन, जन्म, बाल्यकाल, वैराग्य, दीक्षा, तपस्या, केवलज्ञान और निर्वाण जैसे प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को भगवान महावीर के जीवन और उनके सिद्धांतों से जोड़ना है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेहंदी उत्सव
इसी दिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक “मेहंदी राचन लागी, श्रवण वीर नाम री” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें आकर्षक मेहंदी, गेम्स, संगीत और मनोरंजन की प्रस्तुतियां होंगी।
श्रीमती निकिता लूनिया द्वारा सुमधुर स्वर प्रस्तुति भी दी जाएगी। इस कार्यक्रम में विभिन्न महिला मंडलों का सहयोग रहेगा।
नृत्य नाटिका “भवों की यात्रा – वीर की गाथा”
30 मार्च 2026, सोमवार को रात 8 बजे से दादाबाड़ी तीर्थ में “भवों की यात्रा – वीर की गाथा” नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा।
इस प्रस्तुति में भगवान महावीर के पूर्व जन्मों और आध्यात्मिक यात्रा को दर्शाया जाएगा, जिससे दर्शकों को धर्म और कर्म सिद्धांत की गहरी समझ मिल सके।
भव्य शोभायात्रा और धार्मिक आयोजन
महोत्सव के मुख्य दिन 31 मार्च 2026, मंगलवार को सुबह 8 बजे से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए दादाबाड़ी तीर्थ पहुंचेगी।
इसी दिन प्रातः 10 बजे से भगवान महावीर पंचकल्याणक पूजा, महा रक्तदान शिविर और साधर्मिक वात्सल्य का आयोजन किया जाएगा।
दोपहर में वरघोड़ा वापसी भी पारंपरिक तरीके से निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
वीर भक्ति गीत प्रतियोगिता
31 मार्च की रात 7:30 बजे से वीर भक्ति गीत प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें रायपुर के विभिन्न मंडलों द्वारा भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।
यह कार्यक्रम लोढ़ा विंग्स के संयोजन में आयोजित होगा और इसमें वर्धमान मित्र मंडल, तेरापंथ युवक परिषद एवं जय जिनेंद्र ग्रुप की सहभागिता रहेगी।
सेवा और सामाजिक गतिविधियों की श्रृंखला
महोत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों और कॉलोनियों में सेवा कार्यों का व्यापक आयोजन किया जा रहा है। इनमें भोजन वितरण, पशु आहार (चारा) वितरण, वस्त्र वितरण, मेडिकल कैंप, जल सेवा, शिक्षा सामग्री वितरण, वृद्धाश्रम एवं अस्पतालों में सेवा कार्य जैसे अनेक कार्यक्रम शामिल हैं।
22 मार्च को नि:शुल्क मल्टीस्पेशियलिटी स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया, जबकि 29 मार्च को “मेडी हब” के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा दी जाएगी।
इसके अलावा 26 मार्च को “आप से और बातचीत” शीर्षक से टॉक शो भी आयोजित किया गया, जिसमें सामाजिक विषयों पर चर्चा की गई।
भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम
भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के तहत रायपुर में चल रहे ये सभी आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन कार्यक्रमों में भाग लेकर न केवल धर्म से जुड़ रहे हैं, बल्कि समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पूरा शहर इस समय महावीर स्वामी के सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य और त्याग—के संदेश से प्रेरित दिखाई दे रहा है।
भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित ये कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक जागरूकता, युवा भागीदारी और महिला सशक्तिकरण का व्यापक उदाहरण हैं। रायपुर में इन दिनों हर ओर भक्ति, सेवा और उत्सव का माहौल है, जो महावीर स्वामी के आदर्शों को जीवंत करता हुआ नजर आ रहा है।
आज का सेवा कार्य
श्री भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के तत्वाधान में, श्री उवसगहरं पार्श्व महिला मंडल, रायपुर द्वारा समाज सेवा का एक सराहनीय कार्य संपन्न किया गया।
भगवान महावीर जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर मंडल द्वारा मनोहर वृद्धाश्रम, पुरानी बस्ती, रायपुर में सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस दौरान वृद्धजनों की सुविधा के लिए 17 गद्दे, तकिये एवं 17 बेडशीट प्रदान किए गए।
इस सेवा कार्य से वृद्धाश्रम के निवासियों को बड़ी राहत मिली और उन्होंने महिला मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।
महिला मंडल की इस पहल को समाज में सेवा, करुणा और सहयोग की भावना को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है, जो भगवान महावीर के संदेशों को सार्थक रूप में आगे बढ़ाता है।
मंडल की पदाधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे, ताकि जरूरतमंदों की सहायता की जा सके।
