भारत में एआई क्रांति का नेतृत्व करना चाहती है रिलायंस
जिस तरह रिलायंस ने जियो के जरिए भारत में डिजिटल क्रांति का नेतृत्व किया, वैसे ही अब कंपनी एआई क्रांति का नेतृत्व करना चाहती है। कंपनी का संकल्प एआई को हर भारतीय के लिए सस्ता और सुलभ बनाने का है। कंपनी का कहना है कि लोगों के सुरक्षा और भरोसे का भी ध्यान रखा जाएगा।
काम करने का नया तरीका बनेगा एआई
अंबानी ने साफ किया कि यह सिर्फ एक टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि काम करने का एक नया तरीका है। एआई और ‘एजेंटिक ऑटोमेशन’ के जरिए बार-बार होने वाले उबाऊ कामों को खत्म किया जाएगा। इसका उद्देश्य मैनुअल काम को हटाकर फैसलों की गति और गुणवत्ता को बढ़ाना है। एक 12-लेयर वाला कॉमन ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा जो सभी कारोबार में डाटा, सुरक्षा और नियंत्रण का मानक तय करेगा। काम को अंजाम देने के लिए छोटे क्रॉस-फंक्शनल ‘पॉड्स’ बनाए जाएंगे, जिनके पास स्पष्ट लक्ष्य और स्वामित्व होगी।
भारत पर क्या असर पडे़गा?
अंबानी का मानना है कि जैसे वे अपने वर्कफ्लो को 10 गुना बेहतर बना रहे हैं, वैसे ही वे भारत पर भी 10 गुना प्रभाव डाल सकते हैं। 50 करोड़ से ज्यादा जियो सब्सक्राइबर्स और भारत के सबसे बड़े रिटेल नेटवर्क में एआई का इस्तेमाल होगा। साथ ही एआई का इस्तेमाल नए मैटेरियल खोजने, ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशन, हेल्थकेयर और शिक्षा में किया जाएगा। इसके अलावा स्वदेशी एआई हार्डवेयर और रोबोटिक्स के अवसरों पर भी जोर दिया ताकि भारत तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बन सके।
कर्मचारियों विचार साझा करने के लिए आमंत्रित
मुकेश अंबानी ने स्लोगन के जरिए कर्मचारियों के लिए बल्कि एक ‘एक्शन गाइड’ भी बताया है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को 10 जनवरी से 26 जनवरी के बीच अपने विचारों को साझा करने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा, “इसका उद्देश्य लोगों को प्रतिस्थापित करना नहीं है, बल्कि मानकों को ऊपर उठाने और हमारी क्षमता को बेहतर करने के बारे में है। आइए, साथ मिलकर शुरुआत करें”।