करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी खाने से होती है। ऐसे में सरगी में स्वादिष्ट और पेट भरने वाली चीजें शामिल करना अच्छा विकल्प माना जाता है। इस बार बाजार से महंगी मट्ठी खरीदने के बजाय घर पर ही गुड़ और देसी घी से खस्ता मट्ठी बना सकती हैं। इसे बनाना आसान है और इसका स्वाद भी लाजवाब होता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी।
मट्ठी बनाने के लिए सामग्री
0 गेहूं का आटा – 2 कप
0 देसी घी – 4 से 5 बड़े चम्मच
0 गुड़ – आधा कप
0 सौंफ – आधा छोटा चम्मच
0 इलायची पाउडर – 1 चुटकी
0 गुड़ घोलने के लिए गुनगुना पानी
0 तलने के लिए घी या तेल
बनाने की आसान विधि
1. गुड़ का घोल तैयार करें: सबसे पहले गुड़ को छोटे टुकड़ों में तोड़ लें। इसे थोड़े गुनगुने पानी में डालकर अच्छी तरह घोलें। गुड़ घुलने के बाद घोल को छान लें, ताकि अशुद्धियां निकल जाएं।
2. आटा गूंथें: एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें। इसमें देसी घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद सौंफ और इलायची पाउडर डालें। अब गुड़ का घोल थोड़ा-थोड़ा डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें।
3. मट्ठी का आकार दें: आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर हल्का मोटा बेल लें। अब कांटे की मदद से मट्ठी में कुछ छेद कर दें। इससे तलते समय मट्ठी ज्यादा फूलती नहीं है और अच्छी तरह कुरकुरी बनती है।
4. सुनहरा होने तक तलें: कड़ाही में घी या तेल गर्म करें। आंच धीमी से मध्यम रखें और मट्ठियों को धीरे-धीरे सुनहरा होने तक तलें। गुड़ होने के कारण मट्ठी जल्दी गहरी हो सकती है, इसलिए इसे जलने से बचाएं।
5. ठंडा करके रखें: तैयार मट्ठियों को निकालकर पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद इन्हें एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें, ताकि इनका कुरकुरापन बना रहे।
खस्ता मट्ठी बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
मट्ठी को कुरकुरा बनाने के लिए आटे में घी की सही मात्रा डालना जरूरी है। आटा ज्यादा नरम न गूंथें और मट्ठी को तेज आंच पर न तलें। गुड़ के कारण मट्ठी जल्दी रंग पकड़ती है, इसलिए तलते समय आंच का खास ध्यान रखें। मट्ठी को पूरी तरह ठंडा करने के बाद ही डिब्बे में रखें।
इस तरह घर पर बनी गुड़ और देसी घी की मट्ठी करवा चौथ की सरगी में शामिल कर सकती हैं। हालांकि, गुड़ और घी से बनी होने के बावजूद यह ऊर्जा और पोषण का पूरा विकल्प नहीं है, इसलिए सरगी में फल, दूध, मेवे और अन्य पौष्टिक चीजें भी शामिल करें।
