जयपुर । जयपुर में जॉब पर जा रही 60 वर्षीय महिला को तीन बदमाशों ने कथित तौर पर हिप्नोटाइज कर लूट लिया। आरोपियों ने परिवार पर बड़ा संकट आने और बड़े बेटे की मौत होने की बात कहकर महिला को अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उसके हाथ में पत्ता रखवाकर मंगलसूत्र, कानों की बालियां और अंगूठी उतरवा ली। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़िता की शिकायत पर श्याम नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी महिला पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला करणी विहार के हीरानगर-ए इलाके की रहने वाली है। वह रोजाना की तरह नौकरी पर जाने के लिए सुबह करीब 7 बजे घर से निकली थी। 200 फीट चौराहे पर बस स्टैंड के पास खड़ी होकर बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान मोबाइल पर बात करता हुआ एक युवक उसके पास पहुंचा।
परिवार के बारे में सही जानकारी देकर जीता भरोसा
आरोप है कि युवक ने महिला से कहा कि उसके घर में कोई बड़ी परेशानी आने वाली है। महिला ने जब हैरानी जताते हुए उससे इस बारे में पूछा, तो युवक ने उसके परिवार से जुड़ी कुछ जानकारियां बतानी शुरू कर दीं। परिवार के बारे में सही बातें बताने पर महिला को उसकी बातों पर भरोसा हो गया।
दो अन्य साथियों के साथ मिलकर की वारदात
इसके बाद आरोपी महिला को बातचीत में उलझाकर बस स्टैंड से कुछ दूरी पर ले गया, जहां उसके दो अन्य साथी भी मौजूद थे। तीनों ने महिला को परिवार पर बड़ा संकट आने और उसके बड़े बेटे की मौत होने का डर दिखाया। जब महिला ने संकट से बचने का उपाय पूछा, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसे सम्मोहित कर लिया।बदमाशों ने महिला के हाथ पर एक पत्ता रखकर उस पर पहने हुए गहने रखने को कहा। उनकी बातों में आकर महिला ने अपना सोने का मंगलसूत्र, कानों की बालियां और अंगूठी उतारकर पत्ते पर रख दी। आरोप है कि कुछ ही देर में महिला की आंखें बंद हो गईं और बदमाश गहने लेकर फरार हो गए। करीब पांच मिनट बाद जब महिला को होश आया, तो उसके गहने गायब थे।
बेहोश होकर सड़क पर गिरी महिला
घटना के बाद महिला बेहोश होकर सड़क पर गिर गई। वहां मौजूद राहगीरों ने उसे संभाला, जिसके बाद कुछ देर में उसे होश आया। घर पहुंचकर उसने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद मंगलवार शाम को श्याम नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। वारदात स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके।
