लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूपी दौरे से लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि अमित शाह अब देश के गृह मंत्री नहीं रहे, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के चुनाव मंत्री या प्रचार मंत्री बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि आज देश की आंतरिक सुरक्षा गंभीर खतरे में है। पूरा मणिपुर जल रहा है, पंजाब नशे की चपेट में है और गुजरात से ड्रग्स की सप्लाई हो रही है। हजारों करोड़ की ड्रग पकड़ी जा रही है, लेकिन लाखों करोड़ की ड्रग देश भर में सप्लाई हो रही है। ऐसे हालात में भी गृह मंत्री को सिर्फ चुनावों की चिंता है। बेहतर होगा कि अमित शाह गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दें और भाजपा के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालें। राजपूत ने कहा कि गृह मंत्री का काम देश की सुरक्षा देखना है, न कि चुनावी रैलियां करना। जब देश के कई राज्य संकट से गुजर रहे हैं, तब उनका चुनावी अभियान में जुट जाना उनकी प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख द्वारा यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर किए गए बड़े ऐलान, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे हर मुद्दे पर जमीन पर उतरकर लड़ाई लड़ेंगे और जन-मन के मेनिफेस्टो को अगले महीने संविधान दिवस पर जारी करेंगे, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि सपा प्रमुख को यह कहने का पूरा हक है।उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन पूरी ताकत के साथ देश में राहुल गांधी के नेतृत्व में और उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में गांव-गांव, नगर-नगर और डगर-डगर जा रहा है। अब यह लड़ाई और तेज होगी।
राजपूत ने कहा कि यह लड़ाई वोट चोरों के खिलाफ होगी, संविधान चोरों के खिलाफ तेज होगी। जिन लोगों ने तिरंगा जलाया है, उनके खिलाफ भी यह लड़ाई तेज होगी और जिन लोगों ने युवाओं के रोजगार छीने हैं, उनके खिलाफ भी यह लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी।उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी एआई का दुरुपयोग करके दुनिया भर में विपक्षी नेताओं, चाहे वे राहुल गांधी हों या अखिलेश यादव, को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि असली रामराज्य हमेशा कांग्रेस के शासन में रहा है। रामराज्य की परिकल्पना वही है जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी भाई-भाई की भावना से रहते हैं। सांप्रदायिकता में रामराज्य नहीं, बल्कि रावण राज्य होता है।आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने रामलीला में कांग्रेस का पुतला जलाने को हिंदू आस्था को आहत करने जैसा बताया था, सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि किसी का भी पुतला जलाना किसी भी रूप में उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि पुतला जलाने और निम्न स्तर के विरोध की शुरुआत आम आदमी पार्टी ने ही की थी। आज की तारीख में भाजपा वाले राहुल गांधी का पुतला जला रहे हैं। उन्होंने कहा कि उससे भाजपा की सोच साफ दिखती है। इससे पता चलता है कि भाजपा वैचारिक रूप से कितनी खराब हो चुकी है।
सीजेपी नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को लेकर राजपूत ने कहा कि आज देश में तिरंगा लहराने पर लोगों को देशद्रोही बताया जाता है और जेल में बंद किया जाता है। तिरंगा लहराने पर जेल में बंद करना सिर्फ अंग्रेजों के शासन में होता था, लेकिन अब अंग्रेजों के मानस पुत्रों के शासन में भी तिरंगा लहराने पर जेल में डाला जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस तरह तिरंगे का अपमान करने वाले चाहे भाजपा वाले हों, संघ वाले हों, विश्व हिंदू परिषद वाले हों या दिल्ली पुलिस, सभी को मुंह की खानी पड़ेगी। तिरंगा यात्रियों को अंग्रेजों के समय में जेल जाने से डर नहीं लगता था, तो अब ये जेलें क्या डराएंगी।
