मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 650 से अधिक अंक उछलकर 74,518 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 23,000 के अहम स्तर को पार करते हुए 23,053.15 पर कारोबार करता दिखा। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 18 पैसे बढ़कर 94.73 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स और निफ्टी का क्या हाल?:
सेंसेक्स 665.10 अंक चढ़कर 74,518 पर पहुंचा तो निफ्टी 188.40 अंक बढ़कर 23,077.35 पर पहुंचा। अल्ट्राटेक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में दो फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई। सोमवार को निफ्टी 50 में गिरावट आई थी। यह 257 अंक या 1.11 फीसदी गिरकर 22,889 पर बंद हुआ था। माना जा रहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीद से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी तेजी के साथ खुले। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बाजार पर दबाव बनाए रखने की उम्मीद है।
क्रूड और वैश्विक बाजार का क्या हाल?:
ब्रेंट क्रूड 110.34 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 1.43 फीसदी की वृद्धि हुई। इक्विटी वायदा में मिश्रित रुझान दिखा, डाऊ जोंस वायदा 0.05 फीसदी बढ़ा। एसएंडपी 500 वायदा 0.28 फीसदी ऊपर रहा, जबकि नैस्डैक वायदा 0.02 फीसदी नीचे था। बहुप्रतीक्षित जियो आईपीओ भी खुदरा निवेशकों के लिए सदस्यता हेतु खुल रहा है। बाजार के भागीदार जारी दूसरी तिमाही के आय के आंकड़ों के साथ इस पेशकश पर भी नजर रख रहे हैं।
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बाजार में तेजी के क्या कारण रहे?:
बाजार में तेजी का मुख्य कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर आशावाद है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने बताया कि आय वृद्धि में सुधार हो रहा है। लार्ज-कैप का उचित मूल्यांकन भी बाजार को सहारा दे रहा है। मजबूत घरेलू तरलता गिरावट पर बाजार को समर्थन देगी। आईटी और बैंकिंग शेयरों ने कमजोर प्रदर्शन किया था, लेकिन दूसरी तिमाही के बेहतर परिणाम दिए हैं। ये शेयर आगे की गिरावट के दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी को आकर्षित कर सकते हैं।
बाजार पर दबाव के क्या कारक हैं?:
वीके विजयकुमार के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतें बाजार पर दबाव बनाए रख सकती हैं। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल भी बाजार के लिए एक चुनौती है। निकट भविष्य में “तेजी पर बेचो” का रुझान जारी रहने की संभावना है। बाजार का रुझान सतर्क बना हुआ है। बाहरी चुनौतियों के बावजूद, विजयकुमार ने कहा कि यह अब स्टॉक चुनने वालों का बाजार है। बाजार की चाल तेजी से स्टॉक-विशिष्ट और आय के प्रति संवेदनशील होने की संभावना है।
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किन शेयरों ने किया बेहतर प्रदर्शन?:
क्षेत्रीय सूचकांक अधिकतर सकारात्मक दायरे में रहे। निफ्टी आईटी 2.03 फीसदी बढ़ा, इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक 0.74 फीसदी ऊपर रहा। निफ्टी मेटल में भी 0.70 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। निफ्टी मीडिया एकमात्र प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक था जो लाल निशान में रहा, यह 0.15 फीसदी फिसला। निफ्टी 50 के घटकों में इंफोसिस 2.47 फीसदी बढ़कर सबसे आगे रहा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 2.08 फीसदी और अल्ट्राटेक सीमेंट 1.96 फीसदी लाभ के साथ शीर्ष पर रहे। बजाज फाइनेंस 2.32 फीसदी गिरकर सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला रहा, जबकि बजाज फिनसर्व 0.49 फीसदी नीचे आया।
बाजार विश्लेषक विपिन डिक्सना ने कहा कि 23,000–23,100 का दायरा निफ्टी के लिए तत्काल प्रतिरोध क्षेत्र है। वहीं, 22,800–22,700 एक महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र बना हुआ है। निवेशकों को आगे की दिशा के लिए दूसरी तिमाही के आय के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर रखनी होगी।
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