श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया। अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास यह कार्रवाई की गई। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आतंकवादी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे या नहीं।
अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तड़के केरन सेक्टर के जुमगुंड इलाके में सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। इसके बाद जवानों ने सतर्कता बरतते हुए संदिग्धों को चेतावनी दी और इलाके की घेराबंदी कर दी। इसी दौरान आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए।
नियंत्रण रेखा के आसपास सर्दियों की शुरुआत से पहले घुसपैठ की कोशिशों को लेकर सुरक्षा बल सतर्क रहते हैं। भारी बर्फबारी के कारण पहाड़ी दर्रे बंद होने और कई रास्तों के दुर्गम हो जाने से पहले आतंकवादी घाटी में दाखिल होने की कोशिश कर सकते हैं। इसे देखते हुए सेना संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ गश्त और तलाशी अभियान तेज करती है, ताकि घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया जा सके।
इससे पहले 17 सितंबर 2026 को जम्मू संभाग के उधमपुर जिले में सुरक्षा बलों ने एक अभियान के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया था। उस कार्रवाई में एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मारे गए आतंकवादियों की पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में की थी।
पुलिस के अनुसार, उस अभियान के दौरान आतंकवादियों के कब्जे से चार मैगजीन सहित एक एके असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन सहित एक एम-4 कार्बाइन, दो मैगजीन सहित एक ग्लॉक पिस्तौल और चार हथगोले बरामद किए गए थे। एक अन्य घटना में सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकवाद-रोधी अभियान के दौरान मिले एक तात्कालिक विस्फोटक उपकरण को नष्ट कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमों ने खुफिया एजेंसियों की सहायता से कांडी क्षेत्र के थुंगवाली इलाके में अभियान चलाया। इस दौरान आतंकवादियों के एक पुराने ठिकाने का पता चला। ठिकाने की तलाशी के दौरान सुरक्षाकर्मियों को एक तात्कालिक विस्फोटक उपकरण मिला। इसके बाद सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नियंत्रित विस्फोट के जरिए उसे नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य इलाके में मौजूद विस्फोटक खतरे को समाप्त करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
