राम गोपाल वर्मा ने मारा बॉलीवुड को ताना, चुप्पी पर उठाये सवाल कहते हुए: ‘हजम नहीं हो रही धुरंधर की सफलता’

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 नई दिल्ली। धुरंधर की सफलता के चर्चे पूरी इंडस्ट्री में हैं, लेकिन जब फिल्म को लेकर वैसे रिएक्शन नहीं मिल रहे हैं जितनी उम्मीद थी। कई सेलिब्रिटीज न धुरंधर की तारीफ करने आगे आए और ना ही इसकी सक्सेस पर कुछ कहा। अब राम गोपाल वर्मा ने इंडस्ट्री की चुप्पी पर सवाल उठाया है।

जब से धुरंधर रिलीज हुई है, तभी से राम गोपाल वर्मा फिल्म, निर्देशक आदित्य धर और स्टार कास्ट की तारीफों के पुल बांध रहे हैं। अब निर्देशक ने इंडस्ट्री की चुप्पी पर तंज कसा है। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा है कि इंडस्ट्री में लोगों को फिल्म की सफलता हजम नहीं हो रही है।

बॉलीवुड की चुप्पी पर बरसे राम गोपाल वर्मा

राम गोपाल वर्मा  ने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, “जब भी धुरंधर जैसी कोई जबरदस्त और बहुत बड़ी हिट फिल्म आती है तो इंडस्ट्री के लोग उसे नजरअंदाज करना चाहेंगे हैं क्योंकि उन्हें लगेगा कि वे इसके स्टैंडर्ड से मुकाबला नहीं कर पाएंगे, इसलिए उन्हें इससे खतरा महसूस होगा। वे इसे एक बुरे सपने की तरह समझेंगे, जो उनकी अपनी फिल्मों में जागने पर गायब हो जाएगा। यह बात उन सभी सो कॉल्ड पैन इंडिया बड़ी फिल्मों पर और भी ज्यादा लागू होती है जो अभी प्रोडक्शन के अलग-अलग स्टेज में हैं। वे सभी धुरंधर से पहले बनी फिल्मों के आधार पर लिखी और बनाई गई थीं जो ठीक उसके उलट है जो उन्हें लगता था कि काम करेगा। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि धुरंधर एक बहुत बड़ी हिट होने के साथ-साथ पिछले 50 सालों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली फिल्म भी है।”

धुरंधर को क्यों इग्नोर कर रहा बॉलीवुड?

राम गोपाल वर्मा ने आगे कहा, “हम सभी ने कभी न कभी ऐसा अनुभव किया है कि हम किसी के घर जाते हैं और हमें एक बड़ा, डरावना दिखने वाला कुत्ता दिखता है जो हमें घूरता रहता है। मालिक के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह नुकसान नहीं पहुंचाएगा और हमें उसे नजरअंदाज करने की सलाह देने के बावजूद, टेंशन बनी रहती है और बढ़ती रहती है और हम तिरछी नजर से उसे देखने से खुद को रोक नहीं पाते। धुरंधर उस खूंखार कुत्ते जैसा होगा जो हर प्रोडक्शन ऑफिस में, जहां भी आने वाली बड़ी फिल्में बन रही हैं, चुपचाप घूमता रहेगा।

राम गोपाल ने कहा, “वे कुत्ते का नाम लेने से भी बचने की पूरी कोशिश करेंगे, लेकिन वह उनके दिमाग में घूमता रहेगा। इस हद तक धुरंधर उन सभी मेकर्स के लिए एक हॉरर फिल्म जैसा होगा जो VFX से भरी, महंगे सेट, आइटम सॉन्ग और हीरो पूजा वाले पुराने टेम्पलेट में विश्वास करते थे। और अब धुरंधर में स्टार की जगह फिल्म की पूजा होने से वे अपनी बनाई मसाला फिल्मों की जेल में सूली पर चढ़ाए जाएंगे। लेकिन वे कितना भी चाहें, कुत्ता दूर नहीं जाएगा। जब भी उनकी अगली फिल्म रिलीज होगी, वह काटने के लिए यहीं रहेगा।”