न्यूयॉर्क। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इस्राइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि आमिर सईद इरवानी ने कहा कि दोनों देशों की ओर से ईरान और उसके नागरिकों पर क्रूर और व्यापक हमले किए जा रहे हैं। दरअसल संयुक्त राष्ट्र में दिए गए अपने बयान में इरावानी ने दावा किया कि इन हमलों में नागरिकों और नागरिक ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में भारी बम गिराए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों की जान जा रही है। ईरानी प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि कई शहरों में बिना भेदभाव के हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण नागरिक संरचनाओं को निशाना बनाया गया है। उनके मुताबिक हमलों में 2000 पाउंड के बम तक इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भारी तबाही मचा रहे हैं। इरावानी ने कहा कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य नागरिकों को डराना और अधिकतम नुकसान पहुंचाना है।
आपको बता दें की ईरान के अनुसार अब तक इस संघर्ष में 1,332 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा हजारों लोग घायल हुए हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इरावानी ने यह भी कहा कि देशभर में 180 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। ईरान के अनुसार इस संघर्ष में देशभर में कई महत्वपूर्ण संस्थानों और सुविधाओं को निशाना बनाया गया है, जिनमें हवाई अड्डे, स्कूल, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र, आवासीय इमारतें, खेल परिसर, मस्जिदें और पुलिस मुख्यालय शामिल हैं। स्थायी प्रतिनिधि के अनुसार अब तक 20 से अधिक स्कूल और 13 स्वास्थ्य सुविधाएं हमलों में क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा और जीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। ईरान ने इस मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इरावानी ने कहा कि ईरान कई बार परिषद से इस अपराधपूर्ण युद्ध को रोकने की अपील कर चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए।
