सुंदरनगर। देवभूमि हिमाचल के सुंदरनगर में भगवान जगन्नाथ की करीब 350 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रथयात्रा गुरुवार, 16 जुलाई को पूरे धार्मिक उत्साह और भव्यता के साथ निकाली जाएगी। पुराना नगर स्थित हंडेटी के प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता लक्ष्मी की सुसज्जित रथयात्रा जंगमबाग के लिए प्रस्थान करेगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होकर रथ खींचेंगे और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
जगन्नाथ मंदिर हंडेटी के प्रधान सेवक एवं पुजारी रूपेश शर्मा ने बताया कि रथयात्रा ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध जगन्नाथ उत्सव की तर्ज पर आषाढ़ मास में हर वर्ष आयोजित की जाती है। जंगमबाग पहुंचने के बाद भगवान एक दिन विश्राम करेंगे। शनिवार को विशाल भंडारे के उपरांत भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता लक्ष्मी पुन: अपने मंदिर लौटेंगे। पुजारी रूपेश शर्मा के अनुसार हंडेटी स्थित यह प्राचीन मंदिर लगभग 350 वर्ष पुराना है।
मंदिर में स्थापित भगवान जगन्नाथ की मुख्य प्रतिमा चंदन की लकड़ी से निर्मित है, जिसकी ऊंचाई लगभग एक हाथ है। प्रतिमा में भगवान के केवल नेत्र, मुख और बिना उंगलियों वाले हाथ दिखाई देते हैं, जो जगन्नाथ परंपरा की विशिष्ट शैली का प्रतीक हैं। भगवान के दाहिनी ओर भगवान बलभद्र तथा बाईं ओर माता लक्ष्मी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। मंदिर में शालिग्राम सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। लोक मान्यताओं के अनुसार यह प्रतिमा एक फकीर ओडिशा से सुंदरनगर लेकर आया था। उस समय सुकेत रियासत में प्रतिमा को बेचने का प्रयास हुआ, लेकिन परिस्थितियोंवश ऐसा नहीं हो सका।
फकीर की मृत्यु के बाद तत्कालीन राजा के आदेश पर प्रतिमा की स्थापना कर नियमित पूजा-अर्चना प्रारंभ की गई। बाद में राजकीय कोष से धन उपलब्ध करवाकर मंदिर का निर्माण कराया गया। पुजारी रूपेश शर्मा ने बताया कि मंडी जिले की यह सबसे प्राचीन भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मानी जाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रथयात्रा और शनिवार को आयोजित विशाल भंडारे में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान के रथ को खींचने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
