लखनऊ। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े एक मामले में बुधवार को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई करीब 4 करोड़ रुपये के सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग और गबन के आरोपों की जांच के तहत की गई।
CBI अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी लखनऊ, अयोध्या, कुशीनगर, प्रतापगढ़ और अमेठी जिलों में की गई। जांच एजेंसी की टीमों ने संदिग्धों के आवासों, कार्यालयों और अन्य संबंधित परिसरों की तलाशी ली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में सरकारी योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि के उपयोग में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और अन्य माध्यमों के जरिए सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
CBI अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान प्राप्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। जांच के आधार पर मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गबन की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता रही। इस कार्रवाई को सरकारी धन के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। CBI की छापेमारी के बाद संबंधित जिलों में प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
