रायपुर में ईमानदार यातायात कर्मचारियों का सम्मान

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रायपुर। रायपुर में यातायात पुलिस के दो कर्मचारियों को उनके ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कार्य के लिए पुलिस कमिश्नर द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन कार्यों के लिए दिया गया, जिनमें एक ओर गुम हुए कीमती सामान को सुरक्षित लौटाया गया, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।

पहला मामला 15 जून 2026 का है, जब यातायात थाना भनपुरी में पदस्थ प्रधान आरक्षक 691 आशुतोष नेताम की ड्यूटी भनपुरी तिराहा पर लगी थी। ड्यूटी के दौरान उन्हें सड़क पर एक बैग गिरा हुआ मिला। उन्होंने बैग को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर जांच की और मालिक से संपर्क करने का प्रयास किया। बैग में सोने-चांदी के आभूषण, लगभग 11,700 रुपये नकद, आधार कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज मौजूद थे।

आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर के माध्यम से संपर्क कर बैग मालिक अंबिका निषाद, पति विवेक कुमार निषाद, निवासी शक्ति मंदिर सामुदायिक भवन के पास आमातालाब रायपुर को सूचना दी गई।

पूछताछ में पता चला कि बैग मोटरसाइकिल के पीछे बंधा था और यात्रा के दौरान गिर गया था, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं हुई। बाद में उन्हें यातायात थाना भनपुरी बुलाकर बैग सहित सभी कीमती सामान सुरक्षित वापस कर दिए गए। इस ईमानदारीपूर्ण कार्य के लिए प्रधान आरक्षक आशुतोष नेताम को 2000 नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

दूसरी ओर, तेलघानी नाका चौक पर यातायात दबाव के दौरान लगातार जाम की स्थिति बनी रहती थी। इस समस्या के समाधान के लिए यातायात थाना फाफाडीह से आरक्षक 999 दीपक वर्मा को ड्यूटी पर लगाया गया। उनके प्रयासों से क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ और जाम की समस्या काफी हद तक नियंत्रित हो गई।

स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों ने भी उनके कार्य की सराहना की। उनकी मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने उन्हें 500 नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस सम्मान समारोह के दौरान पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल विवेक शुक्ला, सहायक पुलिस आयुक्त सतीश कुमार ठाकुर और सीमा अहिरवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

थाना प्रभारी यातायात भनपुरी राकेश ठाकुर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस प्रशासन ने कहा कि ऐसे कार्य न केवल विभाग की छवि को मजबूत करते हैं, बल्कि आम जनता का पुलिस पर भरोसा भी बढ़ाते हैं।