रायपुर : फसल विविधीकरण और नैनो उर्वरकों से किसानों की बढ़ रही आय
मक्का उत्पादन, जैविक खाद और आधुनिक तकनीकों का समन्वय बन रहा सफलता की नई पहचान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए किसान अब फसल विविधीकरण, जैविक पोषण प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपना रहे हैं। राज्य शासन और कृषि विभाग द्वारा प्रोत्साहित वैज्ञानिक खेती की पद्धतियां किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक आय अर्जित करने का अवसर प्रदान कर रही हैं। इसके सकारात्मक परिणाम प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल रहे हैं। सरगुजा जिले के ग्राम सरगांवा के प्रगतिशील किसान बिराज विश्वास ने फसल विविधीकरण और नैनो उर्वरकों के उपयोग के माध्यम से खेती में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने पारंपरिक खेती की पद्धति में बदलाव करते हुए पिछले चार वर्षों से धान के स्थान पर मक्का उत्पादन को अपनाया है। आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से वे अपनी कृषि भूमि में वर्षभर उत्पादन लेकर बेहतर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे हैं।
बिराज विश्वास का मानना है कि, फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। मक्का उत्पादन के साथ-साथ वे सब्जी खेती भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों के उपयोग से उत्पादन लागत में कमी आई है तथा उत्पादकता में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि, भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए वे जैविक खादों का अधिक उपयोग करते हैं। गोबर खाद एवं अन्य जैविक स्रोतों के साथ नैनो उर्वरकों का प्रयोग फसलों को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध हो रहा है। नैनो उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्व सीधे पौधों तक पहुंचते हैं, जिससे उनकी उपयोग दक्षता बढ़ती है और फसलों को बेहतर वृद्धि के लिए आवश्यक पोषण प्राप्त होता है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरक खेती की लागत कम करने, पोषक तत्वों के प्रभावी उपयोग को बढ़ाने तथा पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहीं फसल विविधीकरण किसानों को बाजार आधारित उत्पादन और जोखिम प्रबंधन के बेहतर अवसर उपलब्ध करा रहा है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण, जैविक खेती तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। बिराज विश्वास जैसे प्रगतिशील किसानों की सफलता यह दर्शाती है कि वैज्ञानिक खेती, नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य उन्मुख बनाया जा सकता है। उनकी पहल आज अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
