रायपुर। बदलते तकनीकी दौर में महिला उद्यमियों को आधुनिक साधनों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवा बिहान क्लस्टर में आयोजित डिजिटल साक्षरता कार्यशाला ने महिलाओं को ऑनलाइन विपणन, ब्रांड निर्माण और इंटरनेट आधारित व्यापार की नई संभावनाओं से परिचित कराया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और महिला संचालित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को आधुनिक विपणन तकनीकों की जानकारी देकर उनके उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाना था। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को उत्पाद पहचान निर्माण, आकर्षक पैकेजिंग, लेबलिंग, गुणवत्ता प्रमाणन, ऑनलाइन विक्रय मंचों तथा बाजार से जुड़ने के विभिन्न तरीकों की व्यवहारिक जानकारी दी।
वसुंधरा यादव ने कहा कि, महिला उद्यमिता केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की भी मजबूत आधारशिला है। उन्होंने महिलाओं को तकनीकी ज्ञान का अधिकाधिक उपयोग कर अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में सफल महिला उद्यमियों के अनुभव साझा किए गए और प्रतिभागियों को ग्राहक नेटवर्क विकसित करने, ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग बढ़ाने तथा व्यवसाय विस्तार की रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया गया।
विशेषज्ञों ने सरकारी सहायता, अनुदान योजनाओं और विपणन सहयोग कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई, जिससे महिलाएं अपने उद्यमों को और मजबूत बना सकें। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से शामिल करीब 30 महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। प्रतिभागियों का मानना है कि, ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद करेंगे।
