भारत ने आज ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से अब तक 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीयों के लापता होने की सूचना है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जारी खोज एवं बचाव अभियान में ओमानी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले गंभीर चिंता का विषय हैं और यह वहां जारी संघर्ष का सीधा परिणाम है। भारत ने एक बार फिर तनाव को तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए जारी वार्ताओं को सफलतापूर्वक पूरा करने की अपील की, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस लौट सके।

भारत ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध और स्वतंत्र आवाजाही तथा व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।

मसिराह तट के पास हुआ मिसाइल हमला
जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 2:20 बजे मुंबई स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी मुंबई) को सूचना मिली कि पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर पर ओमान के मसिराह तट के पास मिसाइल हमला हुआ है। उस समय जहाज पर कुल 24 चालक दल के सदस्य मौजूद थे और सभी भारतीय नागरिक थे। यह सूचना जहाज पर मौजूद एक नाविक के परिजन द्वारा एमआरसीसी मुंबई को दी गई थी।
एमआरसीसी मुंबई ने ओमान से तुरंत किया संपर्क
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एमआरसीसी मुंबई ने तुरंत ओमान के समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र (ओेएमएससी) से संपर्क किया और जहाज तथा उसके चालक दल को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके बाद ओमान की एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। बचाव अभियान के तहत ओमान ने आसपास मौजूद एक जहाज को घटनास्थल की ओर भेजा और दो बचाव हेलीकॉप्टर भी तैनात किए। पूरे अभियान के दौरान एमआरसीसी मुंबई, ओएमएससी ओमान और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार संपर्क बना रहा ताकि चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
