छत्तीशगढ़। डोंगरगढ़ थाना एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला और भी गंभीर है, क्योंकि थाना परिसर के भीतर कथित ‘सौदेबाजी’ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि, वायरल वीडियो में थाना परिसर के भीतर कुछ संदिग्ध गतिविधियां कैद हुई हैं। वीडियो में एक एएसआई, जिसकी पहचान रोहित खूंटे के रूप में की जा रही है, मोबाइल फोन में एक महिला की तस्वीर को ज़ूम कर देखते हुए नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही एक अन्य दृश्य में वर्दीधारी आरक्षक, जिसे लक्ष्मी शंकर कंवर बताया जा रहा है, किसी व्यक्ति से नकदी लेते हुए दिखाई देता है और उसे अपनी जेब में रखता है।
इस वीडियो के अन्य हिस्सों में यह भी आरोप सामने आए हैं कि, एएसआई संबंधित व्यक्ति से और पैसों की मांग कर रहा था और बदले में “मामला निपटाने” की बात कह रहा था। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है, लेकिन सामने आए दृश्यों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एएसआई रोहित खूंटे और आरक्षक लक्ष्मी शंकर कंवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इस घटना के बाद आम जनता के बीच पुलिस की छवि को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि, यदि थाना परिसर में ही इस तरह की गतिविधियां होती हैं, तो कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ता है। पुलिस विभाग की ओर से संकेत दिए गए हैं कि, जांच के आधार पर आगे और भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल दोनों निलंबित पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है और वायरल वीडियो की सत्यता की जांच जारी है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि कानून के रखवालों पर निगरानी और जवाबदेही कितनी जरूरी है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके।
