बिना प्रक्रिया भर्ती का खेल उजागर, सहकारिता विभाग घिरा

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राजनांदगांव। जिले के छुरिया ब्लॉक से सहकारिता विभाग में कथित गड़बड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ऐसी सोसायटी में नियुक्तियां कर दी गईं, जो अभी तक अस्तित्व में ही नहीं आई है। इस पूरे घटनाक्रम ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अधिकारियों की भूमिका को संदेह के घेरे में ला दिया है।

जानकारी अनुसार, छुरिया ब्लॉक में पुनर्गठित की जा रही एक सोसायटी, जिसका गठन अभी पूरा भी नहीं हुआ है, उसमें सोसायटी प्रबंधक के पद पर शुभम कांडे को नियुक्त कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि, जिस संस्था का अस्तित्व ही स्पष्ट नहीं है, वहां पूर्ण प्रभार के साथ नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया।

इतना ही नहीं, इसी मामले में एक और गंभीर अनियमितता सामने आई है। शुभम कांडे के भाई सौम्य कांडे को भी बिना किसी विज्ञापन, चयन प्रक्रिया या बैठक की स्वीकृति के लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि, यह नियुक्ति शिकारीमहका सोसायटी के नाम पर की गई है। दोनों नियुक्ति आदेश एक ही दिन, 1 अप्रैल को जारी किए गए, जिससे पूरे सहकारिता विभाग और सोसायटी संघ में हड़कंप मच गया है। इस घटनाक्रम को लेकर विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर जिला स्तर के डिप्टी रजिस्ट्रार (डीआर) की भूमिका को लेकर संदेह गहराता जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि, अगर बिना प्रक्रिया और नियमों के इस तरह नियुक्तियां की जाएंगी, तो योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा और विभाग की पारदर्शिता पर सवाल उठेंगे। इस पूरे मामले की आधिकारिक जांच की मांग तेज हो गई है। यदि जांच होती है, तो कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यह मामला अब सहकारिता विभाग की साख के लिए एक बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है