हफ्ते के पहले दिन लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स का 350 अंक टूंटा और निफ्टी 25400 के नीचे

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नई दिल्ली। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को घरेलू बाजार गिरावट के साथ खुलते नज़र आया है। वहीं बात करे वैश्विक बाजारों की तो मिले-जुले रुझान के चलते सोमवार को बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने कमजोर शुरुआत की, लेकिन शुरुआती नुकसान के बाद निवेशकों द्वारा चुनिंदा खरीदारी करने से बाद में इनमें अस्थिरता देखने को मिली। विदेशी निवेशकों की निकासी और डॉलर के मजबूत होने के कारण सोमवार को शुरुआती सत्र में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसा फिसलकर 90.67 पर आ गया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 349.81 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 82,276.95 पर आ गया। वहीं, व्यापक बाजार सूचकांक एनएसई निफ्टी 98.4 अंक गिरकर 25,372.70 पर पहुंच गया। बाद में, दोनों प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स 136.04 अंक बढ़कर 82,762.80 पर पहुंच गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी शुरुआती गिरावट के बाद 51.15 अंक बढ़कर 25,522.25 पर पहुंच गया।

वहीं सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, सन फार्मास्युटिकल्स, एटर्नल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईटीसी, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील लाभ कमाने वाली कंपनियां रहीं। दूसरी ओर, इंफोसिस, अदानी पोर्ट्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) प्रमुख पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। आईटी शेयरों में हुई बिकवाली का असर दिखा। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि पिछले सप्ताह आईटी शेयरों में हुई भारी बिकवाली का असर निकट भविष्य में भी बाजारों पर बना रहेगा। शुक्रवार को आईटी शेयरों के एडीआर में आई मामूली रिकवरी से आईटी शेयरों को समर्थन मिलने की संभावना नहीं है। संस्थान आईटी शेयरों की बिकवाली जारी रख सकते हैं और वित्तीय, ऑटोमोबाइल, पूंजीगत वस्तुएं, दूरसंचार और फार्मा जैसे क्षेत्रों की ओर रुख कर सकते हैं, जहां आय वृद्धि की अच्छी संभावना है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनावों को लेकर चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड का मूल्य लगभग 68 अमेरिकी डॉलर के आसपास नाजुक रूप से संतुलित है। इस पर बारीकी से नजर रखनी होगी।

विजयकुमार ने कहा कि कुल मिलाकर, 2026 के लिए बाजार की संभावनाएं अच्छी दिख रही हैं क्योंकि बुनियादी बातें बेहतर हो रही हैं और दीर्घकालिक औसत के अनुरूप मूल्यांकन उचित स्तर पर आ गए हैं। हालांकि मिड और स्मॉल कैप शेयरों का मूल्यांकन अपेक्षाकृत अधिक है, फिर भी वे उम्मीद से बेहतर कमाई दर्ज कर रहे हैं। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 0.4 प्रतिशत बढ़ा जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक स्थिर रहा। चीन और दक्षिण कोरिया के बाज़ार चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बंद रहे। अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड मामूली रूप से बढ़कर 67.78 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 7,395.41 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,553.96 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,048.16 अंक गिरकर 82,626.76 पर बंद हुआ, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 336.10 अंक गिरकर 25,471.10 पर बंद हुआ।