सुप्रीम कोर्ट का आदेश आदिवासी – ईसाइयों के शव कब्र से निकालने पर रोक

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दिल्ली । छत्तीसगढ़ में आदिवासी ईसाइयों के दफनाए गए शवों को जबरन कब्र से निकालकर दूसरे स्थान पर दफनाने की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि, अगली सुनवाई तक किसी भी दफनाए गए शव को कब्र से बाहर नहीं निकाला जाएगा।

यह आदेश जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने दिया। मामला एक जनहित याचिका के जरिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अंतरिम राहत की मांग की गई थी।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य प्रशासन कथित रूप से शवों को हटाने की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है। इस पर पीठ ने कहा कि, फिलहाल दफनाए गए शवों को आगे और नहीं निकाला जाएगा।

दरअसल, याचिका में कहा गया कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी ईसाइयों को अपने गांव की सीमा के भीतर अपने मृत परिजनों के शव दफनाने से रोका जा रहा है, जबकि दूसरे समुदायों को ऐसा करने की अनुमति है।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कुछ मामलों में उनके परिजनों के शवों को उनकी जानकारी के बिना कब्र से निकाल लिया गया और गांव से दूर दूसरी जगह दफनाने की कोशिश की गई।

वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने अदालत में कहा कि, राज्य प्रशासन कथित रूप से इस कार्रवाई का समर्थन कर रहा है। इसी पर अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए रोक लगाने का आदेश दिया