- राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले
- 13 राजनीतिक प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिए जाने का निर्णय
- राजनांदगांव में खुलेगी अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां विधानसभा स्थित उनके प्रतिकक्ष में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में धर्मांतरण रोकने के लिए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति व साधनों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण पर प्रभावी ढंग से रोक लगाना है। वहीं, मंत्रिपरिषद द्वारा विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिये जाने के संबंध में गठित मंत्रिपरिषद की उप-समिति द्वारा अनुशंसित 13 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिए जाने का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया। इस भूमि पर अत्याधुनिक खेल मैदान क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा। मंत्रिपरिषद द्वारा अपारम्परिक ऊर्जा स्त्रोतों पर आधारित संयंत्रों व परियोजनाओं हेतु अनुदान की दरों का निर्धारण किए जाने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई। बैठक में छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे पंजीयन पर प्रभार्य उपकर शुल्क समाप्त हो जाएगा। साथ ही छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। वहीं, मंत्रिपरिषद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप का भी अनुमोदन किया। मंत्रिपरिषद ने एक अन्य फैसले में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन
मण्डल विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के विभिन्न कार्यालयों में तकनीकी और गैर तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के नियुक्तियों के लिए उम्मीदवारों के चयन और परीक्षा आयोजित करने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल का गठन किया जाएगा। वहीं, छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को कायम करना है।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 एवं 59 में संशोधन विधेयक 2026 के प्रारूप का भी अनुमोदन किया।
