औंधी। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र से एक बार फिर राशन व्यवस्था में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्राम सरखेड़ा में शासकीय उचित मूल्य की दुकान से करीब 45 क्विंटल चावल गायब होने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यह दुकान प्रज्ञा सील स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित की जा रही थी।
दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब लंबे समय बाद 26 मार्च को राशन दुकान खोली गई। रिकॉर्ड के अनुसार दुकान में 120 कट्टे चावल होना चाहिए था, लेकिन मौके पर केवल 30 कट्टे ही पाए गए। यानी लगभग 90 कट्टे, जो करीब 45 क्विंटल चावल के बराबर हैं, रहस्यमयी तरीके से गायब हो चुके थे। यह स्थिति इसलिए भी संदिग्ध मानी जा रही है क्योंकि दुकान 19 मार्च से 26 मार्च तक बंद थी और इसी दौरान यह बड़ा घोटाला सामने आया।
इतनी बड़ी मात्रा में चावल का गायब होना बिना किसी संगठित नेटवर्क या वाहन के संभव नहीं माना जा रहा है, जिससे इस मामले में बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है। 9 अप्रैल को ग्राम पंचायत में सरपंच, सचिव और ग्रामीणों की बैठक बुलाई गई, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि, शासन से राशन का पूरा कोटा जारी होता है, लेकिन दुकान तक पूरा अनाज कभी पहुंचता ही नहीं। वहीं, वितरण करने वाले इसे ‘चोरी’ बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। गांव के करीब 108 राशन कार्डधारियों को मार्च महीने से राशन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
जांच के दौरान खाद्य निरीक्षक हेमंत नायक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि, दुकान का स्टॉक रजिस्टर तक सही तरीके से मेंटेन नहीं किया गया था, जो कि, नियमों का सीधा उल्लंघन है। बिना रिकॉर्ड के राशन वितरण होना विभागीय लापरवाही को भी उजागर करता है। अधिकारियों ने संबंधित समूह को नोटिस जारी करने की बात कही है, लेकिन ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि, यह सिर्फ चोरी नहीं बल्कि लंबे समय से चल रहा गबन है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
