गैस की किल्लत के बीच छात्रों को राहत, 5 किलो सिलेंडर योजना लागू

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रायपुर। छत्तीसगढ में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की कमी के बीच जिला प्रशासन ने छात्रों के लिए बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। अब जिले में रहने वाले विद्यार्थियों को 5 किलो का छोटा गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस हॉल में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने की, जिसमें जिले के सभी LPG वितरकों और संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान गैस आपूर्ति, वितरण प्रक्रिया और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि, जिले में निवासरत विद्यार्थियों को गैस एजेंसियों के माध्यम से 5 किलो का सिलेंडर दिया जाएगा। इसके लिए छात्रों को आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रशासन का मानना है कि, इस व्यवस्था से खासतौर पर बाहर से आकर पढ़ाई कर रहे छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। अपर कलेक्टर राठौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि, गैस वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति नियमों के विरुद्ध सिलेंडर लेने की कोशिश करता है या डिलिवरी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, कानून व्यवस्था की स्थिति बनने पर तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि, अस्पतालों, वृद्धाश्रमों, अनाथालयों और अन्य सामाजिक संस्थानों में गैस की आपूर्ति बाधित न हो।

अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में जिले में LPG सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि, शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद ही अगली बुकिंग की जा सकेगी। फिलहाल नए कनेक्शन और सिंगल-डबल कनेक्शन जारी करने पर रोक लगी हुई है। इंडेन डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी उपभोक्ताओं से अपील की है कि, वे अफवाहों पर ध्यान न दें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन का यह कदम गैस संकट के बीच छात्रों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।