रायपुर। छत्तीसगढ़ में भूमि की गाइडलाइन दरों के युक्तिकरण एवं सरलीकरण के तहत रायपुर एवं कोरबा जिलों के लिए जारी संशोधित भूमि गाइडलाइन को लेकर रियल एस्टेट क्षेत्र, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक संगठनों में उत्साहजनक माहौल है। नई गाइडलाइन को जनहितकारी बताते हुए छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) सहित विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने रायपुर स्थित वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के शासकीय निवास पहुंचकर उनसे सौजन्य मुलाकात की और आभार व्यक्त किया। वहीं क्रेडाई द्वारा शुक्रवार से प्रदेश में लागू संशोधित भूमि गाइडलाइन के लिए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का सम्मान किया गया। एसोसिएशन ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर एवं आम नागरिकों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा गाइडलाइन दरों में यथार्थपरक एवं संतुलित संशोधन किया गया है। इससे प्रदेश में मकान, प्लॉट एवं अन्य अचल संपत्तियों के क्रय-विक्रय में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मयंक आहुजा, सचिव विक्रांत डोसी, सहित संजय निलांजने उपस्थित रहे। जहां जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नई भूमि गाइडलाइन से जमीन की दरों में संतुलन स्थापित हुआ है, जिससे आम नागरिकों, मध्यम वर्ग, किसानों एवं व्यापारियों को लाभ मिलेगा। विशेष रूप से आवास, व्यवसाय तथा औद्योगिक निवेश से जुड़े कार्यों में अब अधिक सुगमता और स्पष्टता आएगी। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आमजन के हितों की रक्षा करते हुए विकास को गति देना है। भूमि गाइडलाइन का निर्धारण व्यापक विचार-विमर्श, स्थानीय परिस्थितियों एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि निवेश को प्रोत्साहन मिले और जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सभी नीतिगत निर्णयों में जनहित सर्वोपरि रहेगा। प्रतिनिधिमंडलों एवं एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन के इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी, निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ के समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
