आजीविका का सहारा खत्म: एक रात में 17 बकरा-बकरियों की संदिग्ध मौत

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तखतपुर। छत्तीसगढ़ के तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चितावर से एक बेहद दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहां एक गरीब पशुपालक परिवार की आजीविका का सहारा बनी 17 बकरा-बकरियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आश्चर्य का माहौल है, वहीं पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम चितावर निवासी प्रेमलाल विरकों रोज की तरह अपनी बकरा-बकरियों को चराकर शाम के समय घर लाए थे और उन्हें आंगन में सुरक्षित बांधकर सो गए थे। लेकिन अगली सुबह जब वे उठे तो सामने का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आंगन में सभी 17 बकरा-बकरियों के शव पड़े हुए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ जानवरों की स्थिति बेहद भयावह थी और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई दे रहे थे। इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है क्योंकि, यही पशुधन उनकी आय का एकमात्र साधन था। अचानक हुई इस क्षति से परिवार पर भारी आर्थिक संकट आ गया है। घटना स्थल के आसपास नया आवास पारा क्षेत्र बताया जा रहा है, जो सरपंच प्रतिनिधि के प्लॉट के पास स्थित है। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे किसी जंगली जानवर का हमला मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग किसी अन्य कारण की भी आशंका जता रहे हैं। हालांकि, वास्तविक कारण का पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

घटना की सूचना मिलते ही सरपंच प्रतिनिधि देवा सिंगरौल ने तुरंत तखतपुर थाने को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। साथ ही राजस्व विभाग के पटवारी और आरआई को भी सूचना दी गई है, ताकि मामले की जांच कर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। फिलहाल पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। वहीं गांव में इस घटना को लेकर भय और चर्चा का माहौल बना हुआ है। परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है, ताकि इस बड़े नुकसान से उबरने में उन्हें मदद मिल सके।