राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में शराब बिक्री ने इस साल नया रिकॉर्ड बना दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आबकारी विभाग को जबरदस्त राजस्व प्राप्त हुआ है। जिले में कुल लगभग 600 करोड़ रुपए की शराब बिक्री हुई, जिससे सरकारी खजाने में करीब 360 करोड़ रुपए का राजस्व जमा हुआ। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को दर्शाता है।
बता दे,आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में 585 करोड़ रुपए की शराब बिक्री से 345 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था। इस बार न सिर्फ बिक्री बढ़ी, बल्कि राजस्व में भी करीब 15 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकारियों का मानना है कि, यह वृद्धि लगभग 20–25 प्रतिशत तक रही है, जो जिले में शराब खपत के बढ़ते रुझान को दर्शाती है।
वही,बिक्री के आंकड़ों पर नजर डालें तो देशी शराब की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। सालभर में करीब 327 करोड़ रुपए की देशी शराब की बिक्री हुई, जो कुल बिक्री का लगभग 54 प्रतिशत है। इसके अलावा विदेशी शराब की बिक्री 225 करोड़ रुपए और माल्ट शराब की बिक्री करीब 48 करोड़ रुपए रही। इन सभी श्रेणियों ने मिलकर राजस्व को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है। जिले में वर्तमान में कुल 19 शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए आबकारी विभाग अब सात नई दुकानें खोलने की तैयारी में है। इससे आने वाले समय में बिक्री और राजस्व दोनों में और इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यदि यही रफ्तार बनी रही तो वित्तीय वर्ष 2026-27 में शराब बिक्री का आंकड़ा 650 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। इससे विभाग को करीब 400 करोड़ रुपए तक का राजस्व मिलने का अनुमान है। यह आंकड़े जहां एक ओर सरकार के लिए राजस्व बढ़ोतरी का संकेत हैं, वहीं सामाजिक दृष्टिकोण से यह चिंता का विषय भी बन सकता है। फिलहाल प्रशासन राजस्व लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार कर रहा है।
