आपसी लड़ाई से खत्म हो रही कांग्रेस? सूची रद्द होते ही अरुण साव का तंज

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रायपुर। राजधानी रायपुर में कांग्रेस वार्ड अध्यक्षों की सूची निरस्त होने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अब संगठन नहीं, बल्कि अंदरूनी खींचतान का अखाड़ा बन चुकी है। उनके अनुसार, पार्टी के नेता आपसी विवादों में उलझकर खुद ही अपनी साख खत्म कर रहे हैं।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी साव ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि, यह उनका पुराना और घिसा-पिटा तर्क है। उन्होंने आरोप लगाया कि, वर्षों तक महिलाओं को उनके अधिकारों से दूर रखा गया, जबकि अब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उन्हें उनका हक मिलने की दिशा में काम हो रहा है। साव ने यह भी कहा कि, कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि देश की जनता वास्तव में सशक्त बने।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बोलते हुए साव ने कहा कि, वहां की जनता मौजूदा हालात से परेशान है और कानून-व्यवस्था कमजोर हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि, भारतीय जनता पार्टी का घोषणा पत्र जनता की बेहतरी और विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। साव के मुताबिक, आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में बदलाव तय है और बीजेपी वहां मजबूत स्थिति में उभरेगी। साव के बयान ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति और राष्ट्रीय राजनीति दोनों पर तीखी बहस छेड़ दी है।