तेल अवीव/तेहरान। मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और इजराइल ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार दक्षिणी ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह शहर की तेल-गैस सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक की गई है।
साउथ पार्स को दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस फील्ड माना जाता है। हमलों में गैस के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल और तेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। इजराइली मीडिया ने बुशेहर क्षेत्र में भी गैस फैसिलिटी पर हमले की पुष्टि की है। इससे पहले इजराइल के रक्षा मंत्री ने बयान दिया था कि ईरान और लेबनान में बड़े सरप्राइज देखने को मिलेंगे, जिसे इन हमलों से जोड़कर देखा जा रहा है।
हमले के बाद ईरान ने खाड़ी देशों में बड़े हमलों की चेतावनी दी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने लोगों से सऊदी अरब, यूएई और कतर के प्रमुख तेल और गैस ठिकानों से दूर रहने की अपील की है। वहीं कतर ने इस हमले की निंदा की है।
इधर भारत से जुड़ी एक अहम खबर में भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पहुंच गया है। यह जहाज यूएई के फुजैराह पोर्ट से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए भारत पहुंचा, जिसमें करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा हुआ है।
भारत में प्रतिदिन लगभग 5.5 से 5.6 मिलियन बैरल कच्चे तेल की खपत होती है, ऐसे में मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक और भारतीय तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।
