तखतपुर में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की पहल, कलेक्टर ने किया निरीक्षण

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बिलासपुर। जिले के तखतपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रशासन ने तेजी दिखाई है। 50 बिस्तर वाले मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच) के निर्माण को लेकर कलेक्टर संजय कुमार अग्रवाल ने तखतपुर के नए और पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने CGMSC के एसडीओ और इंजीनियरों को सभी आवश्यक मानकों के अनुरूप विस्तृत एस्टीमेट और बजट तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह की पहल पर यह निरीक्षण किया गया। विधायक ने क्षेत्र की जनता को हो रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए पुराने स्वास्थ्य केंद्र के पास ही मातृ-शिशु अस्पताल बनाने का आग्रह किया। उनका कहना है कि, पुराने भवन की लोकेशन लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक है और यहां अस्पताल बनने से मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा।

गौरतलब है कि, तखतपुर में वर्षों से संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बिना पर्याप्त तैयारी और सुविधाओं के लीदरी स्थित नए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप हो गईं और लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 31 मार्च तक पुराने भवन में सिटी डिस्पेंसरी शुरू करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, अब तक इस आदेश का पूर्ण पालन नहीं हो पाया है।

इसी बीच विधायक धर्मजीत सिंह के प्रयासों से तखतपुर में 50 बिस्तर के मातृ-शिशु अस्पताल को स्वीकृति मिल गई। लेकिन इसे नए भवन के पास बनाए जाने की चर्चा ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी थी, क्योंकि वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस स्थिति को देखते हुए विधायक ने कलेक्टर को मौके पर बुलाकर दोनों स्थानों का निरीक्षण कराया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दोनों संभावित स्थलों का बारीकी से अवलोकन किया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि, वे तकनीकी और सुविधाजनक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त स्थान का चयन करें। साथ ही जल्द से जल्द बजट और योजना तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि अस्पताल निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू हो सके। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि, इस पहल से तखतपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में सुधार होगा और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल पाएंगी।