नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने दिसंबर में शून्य से फरवरी तक अपना क्रू बफर बढ़ाकर 3% कर लिया है। साथ ही पायलट-टू-एयरक्राफ्ट अनुपात भी मजबूत किया है। इन सुधारों के बाद सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को उम्मीद है कि 10 फरवरी को पायलट ड्यूटी और विश्राम से जुड़े नियमों (FDTL) पर दी गई अस्थायी छूट खत्म होने के बावजूद उड़ानों में न्यूनतम ही बाधा आएगी। दरअसल, दिसंबर में एफडीटीएल मानकों के उल्लंघन से इंडिगो की परिचालन व्यवस्था चरमरा गई थी। उस दौरान एयरलाइन को 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं और विमानन नियामक डिजिसिए ने रिकॉर्ड 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।हालात संभालने के लिए डिजिसिए ने 6 दिसंबर को रात की ड्यूटी से जुड़े नियमों में 10 फरवरी तक अस्थायी छूट दी थी। वहीं सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अब एयरलाइन ने रोस्टरिंग योजनाओं में सुधार करते हुए प्रति विमान पायलट क्रू सेट की संख्या बढ़ा दी है। फरवरी के रोस्टर में यह औसतन 7.2 क्रू सेट प्रति विमान तक पहुंच गई है, जो जनवरी में 7.1 थी। दिसंबर के संकट के समय यह संख्या छह से भी कम थी। क्रू सेट का मतलब है हर विमान के लिए उपलब्ध पूर्ण पायलट टीमों की संख्या। आपको बता दें की सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 8 दिसंबर 2025 तक इंडिगो के पास 5,085 पायलट और करीब 350 सक्रिय विमान थे। वहीं जनवरी में एयरलाइन ने 100 ट्रेनी फर्स्ट ऑफिसर नियुक्त किए और आने वाले महीनों में नियमित प्रशिक्षण की योजना बनाई है। वहीं, अगले छह महीनों में कुछ पायलटों के इस्तीफे और सेवानिवृत्ति भी अनुमानित हैं। मंत्रालय की समीक्षा में क्या आया सामने? मंत्रालय की समीक्षा में यह भी सामने आया है कि जनवरी में हुई उड़ान रद्दियां मुख्य रूप से खराब मौसम, एयरस्पेस प्रतिबंध और अन्य परिचालन कारणों से थीं, न कि पायलट ड्यूटी नियमों के उल्लंघन से। 15 से 31 जनवरी के बीच इंडिगो ने लगभग 90% निर्धारित सेवाएं संचालित कीं और कुल 284 उड़ानें रद्द हुईं। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने कहा कि मौजूदा ऑपरेशनल फ्लीट के हिसाब से इंडिगो के पास पर्याप्त पायलट हैं और 10 फरवरी की समयसीमा के बाद उड़ानों के रद्द होने की कोई बड़ी वजह नहीं दिखती।
FDTL छूट खत्म होने पर भी जारी रहेगा इंडिगो का ‘स्मूथ टेक-ऑफ’, क्रू बफर में किया इजाफा
