वीकेंड पर बना रहे बनारस का प्लान, तो इस ट्रिक को करे फॉलो, बिना कुछ मिस किए घूमें पूरी काशी

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नई दिल्ली। अगर आप सिर्फ दो दिन के लिए बनारस घूमने जा रहे हैं, तो इस ट्रिप प्लान की मदद से अपने सफर को यादगार बना सकते हैं। बनारस जिसे दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहरों में से एक माना जाता है, अपनी आध्यात्मिकता, संस्कृति और घाटों के लिए मशहूर है। गंगा आरती, काशी विश्वनाथ के दर्शन और बनारस की गलियों को घूमने के लिए हर साल लाखों पर्यटक यहां आते हैं। अगर आप भी बनारस जाना चाहते हैं, लेकिन सिर्फ 48 घंटों का ही समय है, तो भी आप परफेक्ट ट्रिप प्लान कर सकते हैं। आइए जानें 2 दिन में बनारस घूमने के लिए ट्रैवल प्लान।

ऐसे करे प्लान –

दिन 1 : सुबह- काशी विश्वनाथ के दर्शन –
अपनी यात्रा की शुरुआत भगवान शिव के आशीर्वाद से करें। काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के लिए सुबह जल्दी निकलें। मंदिर के आसपास की संकरी गलियां आपको बनारस की प्राचीन बनावट का अनुभव कराएंगी। दर्शन के बाद पास ही स्थित अन्नपूर्णा मंदिर और विशालक्षी मंदिर जाना न भूलें।

दोपहर- बनारसी जायका और खरीदारी –
दोपहर के समय बनारस की मशहूर कचौड़ी-सब्जी और जलेबी का नाश्ता करें। इसके बाद आप विश्वनाथ गली में खरीदारी के लिए जा सकते हैं, जो बनारसी साड़ियों, हस्तशिल्प और रुद्राक्ष की मालाओं के लिए मशहूर है।

शाम- दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती –
शाम को सूर्यास्त से पहले दशाश्वमेध घाट पहुंचें। यहां होने वाली गंगा आरती दुनिया भर में मशहूर है। आरती को आप घाट की सीढ़ियों पर बैठकर या नाव से देख सकते हैं। दीयों की रोशनी और शंख की गूंज के बीच यह ऐसा अनुभव है, जो आपको और कहीं नहीं मिलेगा।

दिन 2 : सुबह- सुबह-ए-बनारस और नौका विहार –
दूसरे दिन की शुरुआत सूर्योदय से पहले अस्सी घाट पर करें। यहां होने वाली ‘सुबह-ए-बनारस’ में शास्त्रीय संगीत का आनंद लें। इसके बाद एक नाव की सवारी करें, जो आपको अस्सी घाट से मणिकर्णिका घाट तक ले जाएगी। सुबह की सुनहरी धूप में गंगा के घाटों को देखना एक अनोखा अनुभव है।

दोपहर- सारनाथ की यात्रा –
दोपहर में शहर से लगभग 10 किमी दूर सारनाथ जाएं। यह वह स्थान है जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। यहां का धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप और सारनाथ संग्रहालय जरूर देखें। यहां की शांति आपको सुकून देगी।

शाम- बीएचयू और अस्सी घाट की मस्ती –
वापस लौटकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर जाएं और यहां का भव्य नया विश्वनाथ मंदिर देखें। शाम को वापस अस्सी घाट लौटें, जहां आप घाट के किनारे बैठकर बनारसी मल्इयो या मशहूर कुल्हड़ वाली चाय का आनंद ले सकते हैं। अपना सफर पूरा करने से पहले बनारसी पान खाना न भूलें, जिसके बिना आपकी यात्रा अधूरी है।