जगदलपुर। राज्य विद्युत मंडल के आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि, लंबे समय से समस्याओं के समाधान के बजाय सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के कर्मचारी विशेष रूप से उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि, यदि जल्द ही ठोस निर्णय नहीं लिए गए, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रबंधन की होगी।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में रात्रि भत्ता संशोधन, ड्यूटी के अनुसार उचित भुगतान, ओवरटाइम व्यवस्था की बहाली और सुरक्षा कर्मियों के लिए जोखिम भत्ता शामिल हैं। इसके अलावा, ठेका श्रमिकों सहित सभी कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। संघ ने पदोन्नति में तकनीकी डिग्री को मान्यता देने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से रखा है।
उनका कहना है कि, ये सभी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि, अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन के चलते बिजली सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में किसी भी असुविधा की जिम्मेदारी विभागीय प्रबंधन पर ही होगी।
