सोने की नक्काशी और 400 शूरवीरों की यादें: जानें माल्टा के इस ऐतिहासिक चर्च की खासियत

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नई दिल्ली। यूरोप के ऐतिहासिक शहर माल्टा में एक ऐसा स्थान है जिसे दुनिया के सबसे अहम और खूबसूरत चर्च में गिना जाता है। हम बात कर रहे हैं सेंट जॉन्स को-कैथेड्रल की। माल्टा की राजधानी वैलेटा में स्थित यह कैथोलिक कैथेड्रल ‘सेंट जॉन द बैपटिस्ट’ को समर्पित है। आपको बता दें की इस चर्च की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बाहर से देखने में जितना साधारण नजर आता है, इसके भीतर का नजारा उतना ही शानदार और कलात्मक है। आइए जानें इस चर्च से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में।

इस ऐतिहासिक इमारत का निर्माण 1572 से 1577 के बीच एक शक्तिशाली धार्मिक और सैन्य संगठन ने करवाया था। उस दौर में यह संगठन माल्टा पर शासन करता था और ईसाई धर्म की रक्षा में अहम भूमिका निभाता था। इस चर्च की रूपरेखा मशहूर माल्टीज आर्किटेक्ट गिरो लैमो कैसर ने तैयार की थी। लगभग पांच सालों में तैयार हुई यह इमारत आज भी अपनी मजबूती और शिल्पकारी के लिए दुनिया भर के पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।जैसे ही कोई व्यक्ति इस कैथेड्रल के अंदर कदम रखता है, वह इसकी भव्यता देखकर दंग रह जाता है। बाहर की सादगी के बिल्कुल उल्ट, अंदर की दीवारें और छतें सोने की बारीक नक्काशी से सजी हुई हैं। सोने की इस अनोखी कलाकारी के साथ-साथ छतों पर बाइबिल की कथाओं को दिखाती हुई सुंदर चित्रकारी की गई है, जो इसे किसी आर्ट गैलरी जैसा अहसास देती है।

इस गिरजाघर की एक और बड़ी खासियत इसका फर्श है। पूरा फर्श संगमरमर से बना है, जिसमें लगभग 400 से ज्यादा कब्रें मौजूद हैं। ये कब्रें नाइट्स ऑफ सेंट जॉन के उन महान योद्धाओं और उच्च पदाधिकारियों की हैं, जिन्होंने अपने समय में संगठन और धर्म की सेवा की थी। यह फर्श न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि कला का भी एक बेहतरीन नमूना है। सेंट जॉन्स को-कैथेड्रल की सबसे अनमोल धरोहर महान इतालवी चित्रकार कारावाजियो की मशहूर पेंटिंग है। 1608 में बनाई गई यह पेंटिंग ‘द बिहेडिंग ऑफ सेंट जॉन द बैपटिस्ट’ के नाम से जानी जाती है। यह चित्र संत जॉन द बैपटिस्ट के जीवन की उस मार्मिक घटना को दिखाता है, जिसमें उनका सिर कलम किया गया था। कारावाजियो की सबसे बेहतरीन पेंटिंग में शामिल यह पेंटिंग इस कैथेड्रल के आकर्षण का मुख्य केंद्र है।