वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पेश किया बजट, बस्तर के विकास के लिए बड़ा ऐलान,राज्य में 23 नए औद्योगिक पार्क होंगे स्थापित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत शायरी से की और इसके बाद विकास योजनाओं का विस्तृत खाका सदन के सामने रखा। इस बार का बजट ‘SANKALP’ थीम पर आधारित है, जिसमें समावेशी और परिणामोन्मुखी विकास पर जोर दिया गया है।

बस्तर के लिए बड़े ऐलान
वित्त मंत्री ने बस्तर क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में लौट रहा है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी की स्थापना, 100-100 करोड़ का प्रावधान

बस्तर नेट परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपये अतिरिक्त

मुख्यमंत्री बस योजना के लिए 10 करोड़ रुपये

होम स्टे योजना के लिए 10 करोड़ रुपये

मैनपाट विकास के लिए 5 करोड़ रुपये

निवेश अनुदान के लिए 100 करोड़ रुपये

स्वास्थ्य और शिक्षा को मजबूती
जगदलपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही डॉक्टरों और विशेषज्ञों की भर्ती की भी बात कही गई है।

 

सड़क और सिंचाई परियोजनाएं
वित्त मंत्री ने बस्तर में सड़कों का जाल बिछाने का ऐलान किया। विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसके अलावा बस्तर में 68 किलोमीटर नहर निर्माण कराया जाएगा। सरगुजा और बस्तर प्राधिकरण की राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये कर दी गई है। राज्य में 23 नए औद्योगिक पार्क होंगे स्थापित 250 करोड़ रूपए का प्रावधान निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

छत्तीसगढ़_SANKALP_बजट

SANKALP’ थीम में विकास का विजन

बजट 2026 की थीम ‘SANKALP’ इस प्रकार है:

S – Samaveshi Vikas (समावेशी विकास)

A – Adharsanrachna (अधोसंरचना)

N – Nivesh (निवेश)

K – Kushal Manav Sansadhan (कुशल मानव संसाधन)

A – Antyodaya (अंत्योदय)

L – Livelihood (आजीविका)

P – Parinam (परिणाम)

कुल मिलाकर, Chhattisgarh Budget 2026 Bastar Development के जरिए सरकार ने क्षेत्रीय संतुलन और समग्र विकास का संदेश देने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखाई देता है।